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हथियारों का जखीरा बरामद, तीन गिरफ्तार, चार पिस्टल, सात तमंचे और 40 कारतूस मिले; तीनों आरोपियों पर 28 मुकदमे दर्ज होने का पुलिस का दावा, सप्लाई नेटवर्क की जांच

रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। अवैध हथियारों की तस्करी के मामले में खालापार थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चार पिस्टल, सात तमंचे और 40 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। पुलिस के मुताबिक, अंकित, वैभव और आकाश के खिलाफ मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में कुल 28 मुकदमे दर्ज हैं। अब जांच का फोकस हथियारों की सप्लाई के स्रोत और इस कारोबार से जुड़े संभावित लोगों तक पहुंचने पर है।

11 हथियारों के साथ तीन आरोपी गिरफ्तार

एसएसपी सूरज कुमार राय के निर्देशन में थाना प्रभारी विजय कुमार के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से बरामद 11 हथियारों में चार पिस्टल और सात तमंचे शामिल हैं। इसके अलावा 40 जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल भी मिली है। पुलिस ने बरामद सामान को कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की।

कहां से आए हथियार, किसे होनी थी सप्लाई?

पुलिस के मुताबिक, आरोपी आर्थिक लाभ के लिए अवैध हथियारों की तस्करी करते थे। ऐसे में जांच के केंद्र में हथियारों का स्रोत, उनकी खरीद-फरोख्त और संभावित खरीदार हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से लाए गए थे और क्या इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं। हालांकि, हथियारों की आपूर्ति से जुड़े लोगों के बारे में अभी कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

दो जिलों में 28 मुकदमे दर्ज होने का दावा

पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपियों के खिलाफ मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में कुल 28 मुकदमे दर्ज हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किस आरोपी के खिलाफ कितने मुकदमे हैं और उनमें से कितने अवैध हथियारों से संबंधित हैं। इन मामलों का विस्तृत ब्योरा सामने आने के बाद ही आरोपियों के आपराधिक इतिहास की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

जेल भेजे गए आरोपी, नेटवर्क की पड़ताल जारी

खालापार थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। अब मामले की जांच में हथियारों की बरामदगी के साथ उनकी सप्लाई की कड़ियों को जोड़ना अहम होगा। पुलिस की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद हथियारों की खरीद-फरोख्त में आरोपियों की क्या भूमिका थी और क्या इस कारोबार का नेटवर्क अन्य लोगों तक फैला हुआ है।

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