रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। शाहपुर कस्बे में समाजवादी पार्टी के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पीडीए जनसंवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता ट्रैक्टरों के काफिले के साथ पहुंचे। कल्पना चावला मेमोरियल इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित कार्यक्रम से पहले ट्रैक्टरों का काफिला कस्बे के प्रमुख मार्गों से गुजरा। बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों की कतार और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से शाहपुर में दिनभर राजनीतिक हलचल बनी रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप रहे। अलग-अलग गांवों से कार्यकर्ता ट्रैक्टरों पर सवार होकर शाहपुर पहुंचे। इसके बाद ट्रैक्टरों का काफिला मुख्य मार्गों से निकाला गया। कार्यकर्ताओं ने राजपाल कश्यप को भी काफिले में शामिल किया। उन्होंने रास्ते में कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया।
काफिले के कार्यक्रम स्थल पहुंचने के बाद जनसंवाद कार्यक्रम शुरू हुआ। इसमें पीडीए से जुड़े मुद्दों, संगठन को मजबूत करने और गांव-गांव तक पार्टी की गतिविधियां पहुंचाने पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं से क्षेत्र में सक्रिय रहकर लोगों से लगातार संवाद बनाए रखने का आह्वान किया।
27वां कार्यक्रम आयोजित
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सत्येंद्र पाल रहे। आयोजकों के अनुसार शाहपुर में आयोजित यह उनका 27वां पार्टी कार्यक्रम था। इससे पहले भी बुढ़ाना विधानसभा क्षेत्र में उनके द्वारा जनसंवाद, पंचायत और संगठन से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। कार्यक्रम के माध्यम से कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को एक मंच पर जुटाया गया।
कस्बे के मुख्य मार्गों से गुजरा काफिला
ग्रामीण क्षेत्रों से ट्रैक्टरों पर सवार होकर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम से पहले कस्बे के प्रमुख मार्गों से काफिला निकाला। एक के बाद एक ट्रैक्टरों की लंबी कतार नजर आई। काफिले में शामिल कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इसके बाद सभी कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।
कार्यक्रम का संचालन रामपाल पाल और सलीम ने किया। आयोजकों ने कार्यक्रम में पहुंचे पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और ग्रामीण क्षेत्रों से आए समर्थकों का आभार जताया।
कार्यक्रम में प्रदेश प्रमुख सचिव विनय पाल, श्यामलाल बच्ची सैनी, धनवीर कश्यप, सुमित बारी, जिलाध्यक्ष जिया चौधरी, सतीश गुर्जर, दर्शन धनगर, कुंवर सोएब, धर्मेंद्र नीटू, सोमपाल भाटी, विकल गोल्डी, पवन पाल, यशवीर वाल्मीकि, बीके कश्यप, मौलाना नजर, अनीता कश्यप, साजिद हसन, नरेंद्र सैनी, डॉ. इसरार अल्वी, निशांत मलिक, वीरेंद्र प्रधान, रविंद्र प्रधान जोगी, सुरेश पाल और नरेश पाल समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
