रिपोर्ट – कबीर
जिला – मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश
मुजफ्फरनगर में परिषदीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं और शिक्षण कार्य की वास्तविक स्थिति जानने के लिए मंगलवार को बड़ा निरीक्षण अभियान चलाया गया। मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर जिले के सभी नौ विकास खंडों में रैंडम आधार पर चयनित विद्यालयों का औचक निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण के दौरान 24 विद्यालयों में कुल 156 शिक्षकों में से 23 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए।
नौ विकास खंडों में चला निरीक्षण अभियान
जानकारी के अनुसार शाहपुर, सदर, पुरकाजी, बुढ़ाना, खतौली, मोरना, जानसठ, चरथावल और बघरा विकास खंडों में खंड विकास अधिकारियों के माध्यम से निरीक्षण कराया गया। इस दौरान विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था, शिक्षक उपस्थिति, छात्र उपस्थिति और मूलभूत सुविधाओं का गहन निरीक्षण किया गया।
प्रशासन की इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी रही।
मिड-डे-मील और सुविधाओं की हुई जांच
निरीक्षण टीमों ने विद्यालयों में मिड-डे-मील की गुणवत्ता, ऑपरेशन कायाकल्प, निपुण भारत मिशन, निशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण, साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, शौचालय और अन्य आधारभूत सुविधाओं की भी जांच की।
अधिकांश विद्यालयों में मिड-डे-मील निर्धारित मेन्यू के अनुसार तैयार मिलता पाया गया। कई विद्यालयों में साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक मिली।
छात्र उपस्थिति रही बेहतर
निरीक्षण के दौरान कुल 2415 छात्रों के सापेक्ष 2364 छात्र उपस्थित पाए गए, जिसे प्रशासन ने संतोषजनक माना है। अधिकारियों के अनुसार अधिकांश विद्यालयों में छात्र नियमित रूप से उपस्थित मिल रहे हैं।
कई विद्यालयों में व्यवस्थाएं मिलीं संतोषजनक
शाहपुर विकास खंड के धनयान, कितास और मुबारिकपुर विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था संतोषजनक मिली। वहीं सदर ब्लॉक के बहादुरपुर, निराना और खेड़ीविरान विद्यालयों में छात्र उपस्थिति और मिड-डे-मील व्यवस्था बेहतर पाई गई।
इसके अलावा पुरकाजी, बुढ़ाना और खतौली ब्लॉक के अधिकांश विद्यालयों में भी अध्यापक उपस्थिति संतोषजनक रही।
मोरना ब्लॉक के कासमपुर, नगला बुजुर्ग, विलायतनगर और खुजेड़ा विद्यालयों में मिड-डे-मील एवं अन्य व्यवस्थाएं व्यवस्थित मिलीं। चरथावल ब्लॉक के हैबतपुर, खुसरौपुर और सलेमपुर विद्यालयों में भी शिक्षण कार्य सुचारु मिला।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि परिषदीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासन से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भविष्य में भी औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे और जहां भी लापरवाही, अनुपस्थिति या शिक्षण कार्य में उदासीनता मिलेगी, वहां संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और शिक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
