रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र के रामलीला टिल्ला निवासी रविंद्र कुमार ने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष के लोगों पर ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाने और विरोध करने पर मुकदमों में फंसाने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। रविंद्र का दावा है कि वर्ष 2017 में हिंदू रीति-रिवाज से हुई शादी के बाद उसके सामने लगातार धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया। अब मामला इतना बढ़ गया है कि उसने पुलिस से शिकायत कर पूरे प्रकरण की जांच और परिवार की सुरक्षा की गुहार लगाई है।
रविंद्र कुमार के अनुसार, 8 दिसंबर 2017 को उसकी शादी गोल्डी से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार हुई थी। दंपती की दो बेटियां हैं। उसका आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद उसे पत्नी के मायके पक्ष के कुछ लोगों के ईसाई धर्म से जुड़े होने की जानकारी हुई। इसके बाद उसने इसका विरोध किया तो कथित तौर पर उस पर भी धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया जाने लगा।
रविंद्र का आरोप है कि उससे कहा गया कि यदि वह परिवार के कहे अनुसार नहीं चलेगा तो उसके खिलाफ मुकदमे दर्ज करा दिए जाएंगे। उसका दावा है कि मंदिर जाने और धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने को लेकर भी पत्नी और उसके परिजनों की ओर से आपत्ति जताई गई। रविंद्र ने पुलिस को यह भी बताया कि उसके पास कथित गतिविधियों से जुड़े कुछ वीडियो, फोटो और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें वह जांच के दौरान पुलिस को उपलब्ध कराने की बात कह रहा है।
धर्म बदलने से इनकार पर मुकदमे में फंसाने का आरोप
पीड़ित का आरोप है कि धर्म परिवर्तन से इनकार करने पर उसे और उसके परिवार को मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं। उसका यह भी दावा है कि उसके भाई समेत परिवार के अन्य सदस्यों को फोन कर कथित तौर पर दबाव बनाया गया। रविंद्र ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और धमकियों की भी पड़ताल करने की मांग की है।
रविंद्र ने बताया कि उसकी दोनों बेटियां हैं और बच्चों को लेकर भी वह बेहद चिंतित है। उसने पुलिस से बच्चों के संबंध में भी आवश्यक जांच कराने और मामले में तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस खंगाल रही धर्मांतरण से जुड़े तथ्य
सीओ सिटी सिद्धार्थ के. मिश्रा ने बताया कि थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में इस तरह की शिकायत सामने आई है। एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की लगातार जांच कर रही है। धर्मांतरण से संबंधित आरोपों के तथ्य और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
