रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त जन शिकायतों के निस्तारण को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। जिला पंचायत सभागार में अपर जिलाधिकारी प्रशासन देश दीपक सिंह की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को शिकायतों का निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए। साफ कहा गया कि कोई भी शिकायत डिफाल्टर श्रेणी में नहीं पहुंचनी चाहिए। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी और लिपिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने विभागवार आईजीआरएस संदर्भों की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकता जन शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान है। उन्होंने जल जीवन मिशन ग्रामीण, खंड शिक्षा अधिकारी पुरकाजी व जानसठ, एडीओ पंचायत पुरकाजी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बुढ़ाना, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, पशु चिकित्सा अधिकारी शाहपुर और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारियों समेत अन्य विभागों को लंबित संदर्भों का तत्काल निस्तारण कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि केवल शिकायत का निस्तारण दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि का फीडबैक भी बेहतर होना चाहिए। असंतुष्ट फीडबैक वाले मामलों की दोबारा समीक्षा कर जल्द समाधान कराया जाए। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिकायतों की आख्या निर्धारित समय से कम से कम तीन दिन पहले पोर्टल पर अपलोड कर दें, ताकि किसी प्रकार की तकनीकी या अन्य समस्या आने पर समय रहते उसका समाधान किया जा सके।
अपर जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि 17 सितंबर को आईजीआरएस की दोबारा समीक्षा की जाएगी। यदि तब तक सुधार नहीं हुआ तो संबंधित विभाग के अधिकारी और लिपिक के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण से ही जनपद की रैंकिंग में सुधार संभव है।
बैठक में उप जिलाधिकारी, तहसीलदार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
