रिपोर्ट – कबीर
मुज़फ्फरनगर। सुजडू चौराहा स्थित स्वाधीनता चौक से राष्ट्रीय प्रतीक अशोक स्तंभ हटाए जाने के विरोध में सोमवार को जनाक्रोश फूट पड़ा। सम्राट अशोक स्तंभ पुनः निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले सर्व समाज के सैकड़ों लोगों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
अलमासपुर स्थित शिव मंदिर में एकत्र हुए लोगों ने जोरदार नारेबाजी के साथ जुलूस निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन और एमडीए ने सौंदर्यीकरण के नाम पर राष्ट्रीय धरोहर अशोक स्तंभ को असंवैधानिक तरीके से हटाकर जनभावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सैनी ने बताया कि उक्त अशोक स्तंभ की स्थापना पूर्व मंत्री बाबू हुकम सिंह के सानिध्य में कराई गई थी, जो शहर की पहचान और गौरव का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर नगर पालिका अध्यक्ष से वार्ता के दौरान शीघ्र पुनर्निर्माण का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
वहीं अखिलेश जाटव ने कहा कि सम्राट अशोक के समय में अखंड भारत की परिकल्पना साकार हुई थी, लेकिन आज एक सोची-समझी साजिश के तहत राष्ट्रीय प्रतीकों को हटाकर समाज को बांटने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर पूरे प्रकरण से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि अशोक स्तंभ केवल स्थानीय नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की धरोहर है और इसे पहले से अधिक भव्य एवं सुंदर रूप में शीघ्र पुनर्स्थापित कराया जाएगा।
इस दौरान एडवोकेट राकेश सैनी, सोनू सुदर्शन, सोनू मूंछ, अखिलेश जाटव, अंकुर सैनी, प्रदीप सैनी, वीरेंद्र त्यागी, गौतम कुमार, सचिन ठाकुर, हिमांशु सैनी, कपूर जोगी, प्रदीप कोंरी, आशीष शर्मा, बृजपाल सैनी, सोनू कश्यप, सुखपाल सैनी, नितिन सैनी, अरविंद सैनी, सेंपल सैनी, लकी सैनी और जगतपाल सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।



