श्रावस्ती | यूपी
श्रावस्ती जिले में भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा और सीमा विकास कार्यों को लेकर सोमवार को जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग और एसएसबी कमांडेंट अमरेन्द्र कुमार वरुण ने संयुक्त निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सीमा स्तंभ संख्या 634/7 से मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्य का शुभारंभ करते हुए सीमा सुरक्षा व्यवस्थाओं और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का जायजा लिया।
सीमा स्तंभ से शुरू हुआ मरम्मत कार्य
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सीमा स्तंभ संख्या 634/7 पर पहुंचकर मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य का शुभारंभ किया।
अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में चल रहे कार्यों की गुणवत्ता की जांच की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
सीमा चौकियों का किया भ्रमण
डीएम और एसएसबी कमांडेंट ने इंडो-नेपाल बॉर्डर पर स्थित विभिन्न सीमा चौकियों का भी भ्रमण किया।
इस दौरान सुइयां, भरथा, हाकिमपुरवा और तरुशमा सीमा चौकियों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई।
सुरक्षा व्यवस्थाओं की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में तैनात एसएसबी जवानों की सतर्कता और कार्यप्रणाली का जायजा लिया।
सीमा पर निगरानी व्यवस्था, गश्त और अन्य सुरक्षा प्रबंधों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों ने जवानों के कार्यों की सराहना की।
सीमावर्ती ग्रामीणों से किया संवाद
भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने सीमावर्ती गांवों के ग्रामीणों से भी मुलाकात की।
ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए अधिकारियों ने हरसंभव सहयोग और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
सीमा क्षेत्र में विकास और सुरक्षा पर जोर
अधिकारियों ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ विकास कार्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की समस्याओं का समाधान और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
SSB और प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान एसएसबी और प्रशासनिक विभाग के कई अधिकारी भी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में समन्वय के साथ कार्य करने और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।
सीमा सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क
श्रावस्ती का भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र संवेदनशील माना जाता है, ऐसे में प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और विकास दोनों को संतुलित रूप से आगे बढ़ाने के प्रयास जारी रहेंगे।


