रिपोर्ट – एकरार खान


गाजीपुर। जनपद के जखनियां क्षेत्र से जुड़े बहुचर्चित सत्यदेव हत्याकांड में आज कोर्ट की कार्यवाही ने नया मोड़ ले लिया। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम शक्ति सिंह की अदालत में आज सभी प्रमुख अभियुक्तों की मौजूदगी में मुकदमे में चार्ज (आरोप) तय कर दिए गए, जिसके साथ ही मामले की न्यायिक प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई।
आज दिनांक 09/04/2026 को कोर्ट में चंद्रभान यादव, उदयभान यादव, सत्येंद्र उर्फ मशाला सिंह, संजय सिंह, संतोष सिंह, बेचुन यादव उर्फ साही, सतीश कुशवाहा, भुल्लन उर्फ मिथिलेश और शिवानंद उर्फ सुन्ना सिंह समेत अन्य आरोपी हाजिर रहे। वहीं, स्थानीय स्तर पर चर्चा में रहे मसाला सिंह और उनके सहयोगियों की भी अदालत में उपस्थिति ने मामले को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया।
अभियुक्तों की ओर से पहले कोर्ट में यह दलील दी गई थी कि उन्हें बिना ठोस साक्ष्य के फंसाया गया है, लेकिन अदालत ने इस याचिका को खारिज करते हुए साफ कहा कि प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं, इसलिए आरोप से मुक्त करने का कोई आधार नहीं बनता था।
2014 की वारदात फिर चर्चा में
जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता के अनुसार, 14 जुलाई 2014 की रात करीब 10:45 बजे सत्यदेव यादव की घर के बाहर सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात की रिपोर्ट उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी ने दर्ज कराई थी।
गवाहों के बयान बने आधार
मुकदमे के दौरान लक्ष्मी देवी समेत गवाह हरदेव यादव, बादामा यादव, लालबहादुर पटेल, भोला पाल और रमेश राजभर के बयान कोर्ट में दर्ज हुए, जिन्होंने अभियोजन पक्ष की कहानी का समर्थन किया। इन्हीं बयानों के आधार पर अदालत ने माना कि मामला विचारण योग्य है।
अब असली परीक्षा शुरू
आज आरोप तय होने के साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि फिलहाल कोर्ट ने किसी को दोषी नहीं ठहराया है, लेकिन मामला गंभीर है और ट्रायल के दौरान सच्चाई सामने आएगी।
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 28/04/2026 तय की है, जहां अब गवाहों और साक्ष्यों की गहराई से जांच होगी।
कुल मिलाकर, यह मामला अब अपने निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुका है। अदालत ने साफ संकेत दे दिया है कि साक्ष्यों के आधार पर ही फैसला होगा, दोष साबित होना अभी बाकी
