रिपोर्ट: शारिक खान, रामपुर
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के जिला अस्पताल से एक गंभीर मामला सामने आया है। 70 वर्षीय असलम मियां को कथित तौर पर गलत ब्लड चढ़ाने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि मरीज को बी पॉजिटिव (B+) ब्लड की जगह एबी (AB) ग्रुप का ब्लड चढ़ा दिया गया, जिसके बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें तत्काल इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराना पड़ा।
इस घटना के बाद परिजनों में नाराजगी देखी गई और उन्होंने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
गलत ब्लड चढ़ाने का लगाया आरोप
परिजनों के अनुसार, असलम मियां का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा था। इसी दौरान उन्हें ब्लड चढ़ाने की प्रक्रिया की गई, लेकिन आरोप है कि मरीज के निर्धारित ब्लड ग्रुप के बजाय दूसरा ब्लड ग्रुप चढ़ा दिया गया।
परिजनों का कहना है कि ब्लड चढ़ाने के कुछ समय बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्हें तुरंत इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया।
अस्पताल प्रशासन पर उठे सवाल
घटना सामने आने के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ब्लड ट्रांसफ्यूजन जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में पूरी सावधानी बरतनी चाहिए थी।
परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सीएमएस ने मामले को शांत कराने का किया प्रयास
जानकारी के अनुसार, मामला सामने आने के बाद जिला अस्पताल के सीएमएस बी.सी. सक्सेना मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार स्टाफ के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल यह आरोप परिजनों की ओर से लगाए गए हैं। यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ब्लड चढ़ाने में किसी प्रकार की चिकित्सीय त्रुटि हुई या नहीं, इसका निष्कर्ष केवल आधिकारिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच होने पर ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर फिर उठे सवाल
यह मामला एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा और चिकित्सा प्रक्रियाओं की निगरानी को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्लड ट्रांसफ्यूजन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में अत्यधिक सतर्कता और बहु-स्तरीय जांच बेहद जरूरी होती है।
फिलहाल मरीज का उपचार जारी है और परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
