रिपोर्ट: कबीर, मुजफ्फरनगर
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में अवैध हथियारों के कारोबार के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरजनपदीय असलहा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। थाना खालापार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह लंबे समय से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त कर विभिन्न अपराधियों तक असलहे पहुंचाने का काम कर रहा था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में अवैध हथियार, कारतूस, मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। इस उल्लेखनीय कार्रवाई पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पुलिस टीम को 20 हजार रुपये का नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार रात के समय थाना खालापार पुलिस टीम मीनाक्षी चौक पर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि तहसील के पीछे स्थित एक खंडहर में कुछ लोग अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त के लिए एकत्र हुए हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर चारों तरफ से घेराबंदी कर दी और कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
10 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मुकुल, अजय, सोनू राणा, दीपांशु, ओमवीर त्यागी, समीर, निखिल, वंश मलिक, करण कश्यप और ललित सैनी के रूप में हुई है।
पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई अवैध हथियार और अन्य सामान बरामद किया है। बरामदगी में 3 अवैध पिस्टल .32 बोर, 6 तमंचे 315 बोर, 1 तमंचा 12 बोर, जिंदा कारतूस, 10 मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल शामिल है।
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह बड़े स्तर पर हथियारों की सप्लाई करने में सक्रिय था।
कई जिलों में फैला था नेटवर्क
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे आर्थिक लाभ के लिए अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करते थे। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह केवल मुजफ्फरनगर ही नहीं बल्कि आसपास के अन्य जनपदों में भी हथियारों की आपूर्ति करता था।
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने में जुटी हुई है।
दो और आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस जांच में सामने आया है कि बरामद हथियार उमर पुत्र खुर्शीद निवासी कच्ची सड़क थाना सिविल लाइन और उसके साथी तस्लीम पुत्र समीम निवासी दत्तयाना थाना छपार से खरीदे गए थे।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
पुलिस टीम को मिला पुरस्कार
इस पूरी कार्रवाई में थाना खालापार प्रभारी बबलू सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं चौकी प्रभारी असगर अली और उप निरीक्षक विकास सिंघल सहित पूरी टीम की सक्रियता से यह सफलता हासिल हुई।
इस सराहनीय कार्य पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने पुलिस टीम का उत्साहवर्धन करते हुए 20 हजार रुपये के नगद पुरस्कार की घोषणा की है।
अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान रहेगा जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले गिरोहों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
