मुज़फ्फरनगर | ब्यूरो – कबीर
मुज़फ्फरनगर में किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक एक बार फिर आक्रामक तेवर में नजर आई। सोमवार को संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर विभिन्न जनसमस्याओं से जुड़ा विस्तृत ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
संगठन ने बिजली विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए किसानों के उत्पीड़न का आरोप लगाया।
बिजली विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
भाकियू अराजनैतिक ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही, जिससे खेती प्रभावित हो रही है।
संगठन ने ग्राम बड़ी वाला निवासी किसान जर्रार हुसैन के ट्यूबवेल विद्युत कनेक्शन को तत्काल बहाल करने की मांग उठाई। किसानों का कहना है कि बिजली आपूर्ति बाधित होने से फसलों पर असर पड़ रहा है।
स्मार्ट मीटर के नाम पर गलत बिल भेजने का आरोप
संगठन ने ग्राम शेरनगर में बिना स्मार्ट मीटर लगाए ही स्मार्ट मीटर के नाम पर बिजली बिल भेजे जाने का मुद्दा उठाया।
भाकियू अराजनैतिक का आरोप है कि बिजली विभाग ग्रामीणों को गलत और अधिक बिल भेजकर आर्थिक बोझ डाल रहा है। संगठन ने पूरे मामले की जांच की मांग की है।
तालाबों और सरकारी जमीन पर कब्जे का मुद्दा
ज्ञापन में विभिन्न गांवों के तालाबों और सरकारी भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा किए गए अवैध कब्जों को हटाने की मांग भी की गई।
संगठन ने कहा कि सरकारी जमीनों और सार्वजनिक संसाधनों पर कब्जा होना गंभीर मामला है, जिस पर प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
अंबेडकर कॉलोनी की भूमि पर कब्जे का आरोप
भाकियू अराजनैतिक ने ग्राम सुजड़ू स्थित अंबेडकर कॉलोनी की भूमि पर अवैध कब्जे का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया।
संगठन का कहना है कि गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए आरक्षित भूमि पर कब्जा होना बेहद चिंताजनक है और प्रशासन को इसे प्राथमिकता के आधार पर हटाना चाहिए।
किसान दिवस को लेकर भी रखी मांग
संगठन ने मांग की कि किसान दिवस कार्यक्रमों में केवल किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को प्राथमिकता दी जाए।
किसान नेताओं का कहना है कि कई बार किसान दिवस में वास्तविक मुद्दों के बजाय अन्य विषय हावी हो जाते हैं, जिससे किसानों की समस्याएं पीछे छूट जाती हैं।
ट्यूबवेल कनेक्शन में भ्रष्टाचार के आरोप
ज्ञापन में ग्राम नारा के किसानों के घरेलू बिजली कनेक्शनों का बढ़ाया गया लोड कम करने तथा आरडीएफ योजना का लाभ दिलाने की मांग भी शामिल रही।
इसके साथ ही ट्यूबवेल कनेक्शन में कथित भ्रष्टाचार और अवैध वसूली की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई। संगठन ने आरोप लगाया कि किसानों से नियमों के नाम पर अवैध धन उगाही की जा रही है।
अंबा विहार में नशे के कारोबार पर चिंता
भाकियू अराजनैतिक ने अंबा विहार क्षेत्र में बढ़ते नशे के कारोबार और पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि क्षेत्र में नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है, जिससे युवा पीढ़ी प्रभावित हो रही है। संगठन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
आंदोलन की चेतावनी
संगठन के नेताओं ने साफ कहा कि यदि किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो भाकियू अराजनैतिक बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगी।
उन्होंने कहा कि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न होने पर उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
प्रशासन पर बढ़ा दबाव
मुज़फ्फरनगर में किसानों से जुड़े लगातार उठ रहे मुद्दों और संगठनों की सक्रियता के चलते प्रशासन पर समस्याओं के समाधान का दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर क्या कार्रवाई करता है और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
