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‘जय महाराणा’ के जयघोष से गूंजा बहराइच: वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती पर उमड़ा जनसैलाब

बहराइच | रिपोर्ट – प्रदीप श्रीवास्तव

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती पूरे श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ मनाई गई। शहर का माहौल “जय महाराणा” के जयघोष से गूंज उठा और लोगों ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, शौर्य और मातृभूमि के प्रति उनके बलिदान को नमन किया। इस अवसर पर शहर के किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सामने स्थापित महाराणा प्रताप चौक पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां सुबह से ही लोगों का तांता लगा रहा।कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की ओर से किया गया। इस दौरान महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के जीवन से प्रेरणा लेने और उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।महाराणा प्रताप के शौर्य को किया गया यादजयंती समारोह के दौरान वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के संघर्षपूर्ण जीवन और देशभक्ति को याद करते हुए कहा कि उन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने कभी आत्मसमर्पण नहीं किया और स्वाभिमान के साथ जीवन जीने का संदेश दिया।कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक राजा नहीं बल्कि राष्ट्र गौरव, वीरता और आत्मसम्मान के प्रतीक हैं। उनका जीवन आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।विशाल भंडारे का हुआ आयोजनजयंती समारोह के अवसर पर महाराणा प्रताप चौक पर विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन में भाग लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना रहा।भंडारे में शामिल लोगों ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज को एकजुट करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को इतिहास और वीर महापुरुषों से जोड़ने का काम करते हैं। आयोजन स्थल पर सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की झलक साफ दिखाई दी।युवाओं को दिया स्वाभिमान का संदेशकार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित किसान पीजी कॉलेज की प्रबंध समिति के सचिव मेजर डॉ. एसपी सिंह ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस और मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष और आत्मसम्मान की मिसाल है।उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने कठिन परिस्थितियों में भी कभी हार नहीं मानी और देश की आन-बान-शान के लिए निरंतर संघर्ष किया। उनका जीवन हर भारतीय के लिए प्रेरणादायक है।वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. जीतेंद्र सिंह ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी को महाराणा प्रताप के जीवन से सीख लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा,“महाराणा प्रताप के जीवन का हर अध्याय हमें स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और वीरता की सीख देता है। आज के युवाओं को उनके आदर्शों को आत्मसात कर समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए।”‘जय महाराणा’ के नारों से गूंजा पूरा क्षेत्रकार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में “जय महाराणा” और “वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप अमर रहें” के नारे लगातार गूंजते रहे। लोगों ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने कार्यक्रम में भाग लिया। आयोजन स्थल को विशेष रूप से सजाया गया था, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।सैकड़ों लोग रहे मौजूदइस गौरवमयी आयोजन में ब्लॉक प्रमुख अजीत प्रताप सिंह, चंद्रशेखर सिंह, देवानंद सिंह, सभासद मानवेन्द्र सिंह मन्नू, राजीव सिंह, एडवोकेट धनंजय सिंह, मीडिया प्रभारी अटल सिंह, रवि प्रताप सिंह, शोभित सिंह, मुकेश सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।कार्यक्रम में शामिल लोगों ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के ऐसे महान योद्धा हैं जिनका नाम सदियों तक सम्मान और गर्व के साथ लिया जाता रहेगा।समाज को एकजुट करने वाले आयोजनस्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक आयोजन समाज को अपनी विरासत और गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का कार्य करते हैं। इससे युवाओं में राष्ट्रभक्ति और अपने इतिहास के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होती है।बहराइच में आयोजित महाराणा प्रताप जयंती समारोह केवल एक उत्सव नहीं बल्कि वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का संदेश देने वाला आयोजन बन गया। श्रद्धा, उत्साह और देशभक्ति से सराबोर यह कार्यक्रम लोगों के दिलों में लंबे समय तक अपनी खास जगह बनाए रखेगा।

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