रिपोर्ट – शुभम सिंह
जिला – बांदा, उत्तर प्रदेश
बांदा जनपद के नरैनी क्षेत्र में अवैध बालू खनन को लेकर प्रशासन की सख्ती के बाद खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है। खलारी खदान क्षेत्र से एक वीडियो वायरल होने की चर्चा है, जिसमें कार्रवाई के डर से नदी में डाले गए पाइप और रास्तों को हटाया जाता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि प्रशासनिक दबाव बढ़ने के बाद खदान संचालकों ने मौके से मशीनें और अन्य उपकरण हटाने शुरू कर दिए हैं।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद बढ़ी हलचल
जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले क्षेत्रीय ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत कर आरोप लगाया था कि किसानों के खेतों से अवैध रूप से बालू निकाली जा रही है। ग्रामीणों का कहना था कि भारी मशीनों के जरिए खेतों और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर खनन किया जा रहा है, जिससे खेती योग्य भूमि को नुकसान पहुंच रहा है।
शिकायत के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हुई और खदान क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई।
कार्रवाई के डर से हटाए गए पाइप और रास्ते
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक प्रशासनिक कार्रवाई और भारी जुर्माने की आशंका के चलते खदान संचालकों ने नदी में डाले गए पाइप और अवैध रास्तों को हटाना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में कथित तौर पर खनन कार्य में इस्तेमाल होने वाले उपकरण हटाते हुए देखा जा रहा है।
चर्चा यह भी है कि कार्रवाई की आहट मिलते ही कई मशीनों को मौके से हटाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया।
खदान सरेंडर करने की चर्चा
क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि बढ़ते प्रशासनिक दबाव और संभावित कार्रवाई के चलते खदान संचालक खदान सरेंडर करने की तैयारी में हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में अवैध खनन का खेल चल रहा था और अब प्रशासनिक सख्ती के बाद माफियाओं में बेचैनी बढ़ गई है।
किसानों के खेतों को नुकसान पहुंचाने का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि खनन माफियाओं ने खेतों से सैकड़ों ट्रक बालू निकालकर किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया। लोगों का कहना है कि अवैध रास्ते बनाकर ट्रकों की आवाजाही कराई जा रही थी, जिससे खेत और ग्रामीण मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। अब प्रशासनिक कार्रवाई की खबरों के बाद लोगों की निगाहें आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन खदान क्षेत्र में बढ़ी हलचल से यह साफ है कि अवैध खनन के खिलाफ सख्ती का असर दिखाई देने लगा है।
