रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। दिव्यांग बच्चों को देश की ऐतिहासिक धरोहरों और वन्यजीवों से जोड़ने की अनूठी पहल के तहत राज्य स्तरीय त्रि-आयामी कला एवं मॉडल मूर्ति प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष प्रदर्शनी 4 मई से 30 मई 2026 तक इलाहाबाद संग्रहालय में आयोजित होगी, जिसमें दृष्टि दिव्यांग सहित अन्य दिव्यांग छात्र-छात्राओं को स्पर्श के माध्यम से भारत की विरासत को महसूस करने का अवसर मिलेगा।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी दीक्षा उपाध्याय ने बताया कि प्रदर्शनी में देश के प्रसिद्ध स्मारकों और धरोहरों के त्रि-आयामी मॉडल जैसे गेटवे ऑफ इंडिया, गोल्डन टेम्पल, कुतुब मीनार, विवेकानंद रॉक मेमोरियल, ताज महल, हम्पी स्टोन चैरियट, काशी विश्वनाथ मंदिर और हवा महल को इस तरह तैयार किया गया है कि दिव्यांग बच्चे उन्हें छूकर उनकी बनावट और महत्व को समझ सकें।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अनुभव आधारित ज्ञान प्रदान करना है, ताकि वे भी देश की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ सकें। प्रदर्शनी में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों के लिए भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और ठहरने की निःशुल्क व्यवस्था की गई है।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ने कक्षा 6 से 12 तक के इच्छुक दिव्यांग छात्र-छात्राओं से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाने के लिए अधोहस्ताक्षरी कार्यालय में संपर्क कर अपना पंजीकरण

