Homeराष्ट्रीयराजनीति करो धक्का मार।चुनाव में किए गए वादे सब बेकार।

राजनीति करो धक्का मार।चुनाव में किए गए वादे सब बेकार।

समाचार संपादक।
जमाल अली/

संसद में अंबेडकर पर टकराव, सांसदों में हो गई धक्का मुक्की,
गुरुवार सुबह संसद परिसर में अंबेडकर विवाद को लेकर बीजेपी और विपक्ष के प्रदर्शन में हुई धक्का मुक्की में दो बीजेपी सांसद घायल बताए जा रहे हैं. संसद में मकर द्वार से ही प्रवेश होता है और इसी द्वार पर धक्का मुक्की की घटना हुई है।किसने किसको धक्का मारा ये जांच रिपोर्ट आने के बाद मालूम होगा किसने किसको धक्का मारा था,इस धक्का मुक्की में आरोप प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं,
संसद में अम्बेडकर जी पर हो रहे घमासान में पक्ष और विपक्ष में इतनी तकरार बड़ी के बात धक्का मुक्की पर आ गई ,सांसद की लड़ाई धक्का मुक्की पर आयी,
संसद के पिर्वेश द्वार पर एक दूसरे को धक्का मुक्की करने लगे और वोही हुआ जिसका डर था धक्का मुक्की में सांसद प्रताप सारंगी सांसद मुकेश राजपूत घायल बताए जा रहे हैं,फिर क्या था वार पर वार शुरू हो गए और एक दूसरे पर आरोप लगाने लगे एनडीए के सांसद india पर आरोप लगा रहे हैं india के सांसद एनडीए पर आरोप जड़ रहे हैं,इस धक्का मुक्की में आम जनता के मुद्दे हवा हो गए हैं नेताओं की ज़ुबान से गायब हो चुके हैं।सांसद में बात होती है विकास की, चर्चा होनी चाहिए रोज़गार की बहस होनी चाहिए किसानों की समस्याओं की किसानों को उनको फसलों का मूल्य नहीं मिल रहा है,किसानों की फसल के नुकसान कि पूरी भरपाई मिलनी चाहिए, खाद ,बीज ,कीटनाशक ,उपकरणों में सहायता मिलनी चाहिए, चर्चा करनी चाहिए शिक्षा की आज एक ग़रीब को अपने बच्चों को शिक्षा दिलाने के प्राइवेट स्कूलों का सहारा लेना पड़ रहा है ,सरकारी स्कूलों में शिक्षा दिलाना लोहे के चने चबाने बाल बात साबित हो रही है,घोटालों की बारिश गरीब फिरता प्यासा, बात करनी चाहिए महिलाओं से जुड़े मुद्दों की ,आज की सियासत में जनता की आकांक्षाओं पर पानी फेरने काम किया जा रहा है,गरीब के आंसू की कोई कीमत नहीं महगई कमर तोड़ है विकास कोसों दूर होता जा रहा है रोज़गार छीना जा रहा है आज रोज़गार बड़े रसूखदारों के हाथों में दिया जा रहा है,जिसका विरोध भी देखा जा रहा है, व्यापार सिर्फ रसूकदरों पर बरसाया जा रहा है।आज,जनता से जुड़े मुद्दों पर कोई भी बहस करने को तैयार नहीं है, रोज़गार पर चर्चा करने वाले कोसों दूर तक नज़र नहीं आ रहे हैं।इनकी धक्का मुक्की के पाटों में भोली भाली जनता पिस रही है,
बेचारी जनता धक्का मुक्की करने वालों को अपना वोट देकर संसद भेजती है उनकी समस्या का समाधान होगा युवाओं को रोज़गार मिलेगा किसानों को उनकी फसलों का मूल्य सही मिलेगा ,सरकारी मशीनरी फेल हुए जा रही है ,आज नेता और प्रतिपक्ष नेता एक दूसरे पर धक्का लगा रहे हैं।
कब लगेगा रोज़गार की गाड़ी में धक्का ।या सांसद ही एक दूसरे पर ही मरते रहेंगे धक्का।

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