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प्रशासनिक मिलीभगत या बड़ी लापरवाही? चरका खंड-10 में उड़ रही नियमों की धज्जियां

ओवरलोड परिवहन और धूल के गुबार से राहगीरों का दम घोंट रहे खनन माफिया

रिपोर्ट – शुभम सिंह

बबेरू (बांदा): जनपद के बबेरू तहसील अंतर्गत ग्राम चरका में संचालित मुरम खंड संख्या 10 इन दिनों क्षेत्र के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। मे. इमारा इण्टरप्राइजेज द्वारा संचालित इस खनन खंड में एनजीटी (NGT) और खनन विभाग के नियमों को ताक पर रखकर सरेआम अवैधता का खेल खेला जा रहा है। आलम यह है कि भारी-भरकम ओवरलोड वाहनों से उठने वाले धूल के गुबार ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे ग्रामीणों और राहगीरों का सांस लेना भी दूभर हो गया है।


नियमों का ‘कत्ल’, सड़कों पर धूल का साम्राज्य
खनन पट्टा क्षेत्र से निकलने वाले सैकड़ों डंपर और ट्रक बिना ढके और ओवरलोड होकर मुख्य मार्गों पर दौड़ रहे हैं। नियमानुसार, खनन क्षेत्र और परिवहन मार्ग पर धूल को दबाने के लिए लगातार पानी का छिड़काव किया जाना अनिवार्य है। लेकिन प्रो. इमरान अहमद मालिक और संचालक रामजी निषाद व संतोष द्विवेदी की देखरेख में चल रहे इस खंड पर छिड़काव की कोई व्यवस्था नजर नहीं आ रही है। सड़कों पर उड़ती धूल के कारण पीछे आने वाले दोपहिया वाहनों को रास्ता तक दिखाई नहीं देता, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
ओवरलोडिंग से टूट रही सड़कें, प्रशासन मौन
पट्टे की आड़ में क्षमता से अधिक मुरम लादकर निकल रहे ट्रक न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रहे हैं, बल्कि सरकारी सड़कों को भी मलबे में तब्दील कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार शिकायत की गई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी खनन संचालकों के हौसले बुलंद कर रही है।
जांच के घेरे में संचालक
खंड संख्या 10 के संचालक रामजी निषाद और संतोष द्विवेदी की कार्यप्रणाली पर अब सवाल उठने लगे हैं। क्या प्रशासन इन संचालकों की मनमानी पर लगाम लगाएगा या फिर इसी तरह धूल और भ्रष्टाचार के गुबार में स्थानीय जनता का दम घुटता रहेगा?

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