Homeराष्ट्रीयछोटी सी तकरार, चार लाशें—सरवट में दिल दहला देने वाली वारदात

छोटी सी तकरार, चार लाशें—सरवट में दिल दहला देने वाली वारदात

रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। मुज़फ्फरनगर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के सरवट इलाके से एक ऐसी खौफनाक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है। एक ही परिवार के चार लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, और इस पूरे घटनाक्रम की वजह एक मामूली सा विवाद बताया जा रहा है। सवाल ये है कि आखिर कैसे एक छोटी सी तकरार ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया?

सरवट इलाके में रहने वाले इरशाद, उनकी पत्नी नोरीन और दो मासूम बच्चों की मौत ने पूरे इलाके में दहशत और मातम का माहौल बना दिया है। बताया जा रहा है कि ईद के मौके पर इरशाद की बहन अपने मायके आई थी, जहां इरशाद ने उसे 1700 रुपये ईदी के तौर पर दिए। इसी बात को लेकर घर में ननद और भाभी के बीच विवाद शुरू हो गया।
देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि नोरीन ने अपनी मां और बहन को भी मौके पर बुला लिया। गली में काफी देर तक हंगामा चलता रहा। हालांकि मोहल्ले के लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया, लेकिन घर के अंदर तनाव खत्म नहीं हुआ।
रात के अंधेरे में यह विवाद और गहराता चला गया। बाहर से सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा था, लेकिन अंदर हालात बिगड़ते जा रहे थे। सुबह जब काफी देर तक घर का दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसियों को शक हुआ। जब दरवाजा खोला गया तो अंदर का मंजर देख हर किसी के पैरों तले जमीन खिसक गई।
घर के अंदर इरशाद का शव पंखे से लटका हुआ मिला, पत्नी नोरीन मृत अवस्था में नीचे पड़ी थी और दोनों मासूम बच्चे बेड पर मृत मिले। एक साथ चार मौतों ने पूरे इलाके को सन्नाटे में डाल दिया।
घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी संजय कुमार वर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ सिटी मजिस्ट्रेट पंकज राठौर भी मौजूद रहे। फोरेंसिक टीम ने मौके से अहम साक्ष्य जुटाए हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ईदी के पैसों को लेकर विवाद हुआ था। वहीं, आशंका जताई जा रही है कि पहले परिवार के सदस्यों को जहर दिया गया और उसके बाद यह खौफनाक कदम उठाया गया, हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे सरवट इलाके में मातम पसरा हुआ है। हर कोई यही कह रहा है कि अगर उस वक्त इस छोटे से विवाद को समझदारी से सुलझा लिया जाता, तो शायद आज चार जिंदगियां यूं खत्म नहीं होतीं।

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