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दिल्ली ब्लास्ट के बाद मुज़फ्फरनगर में बढ़ी सतर्कता, मेडिकल कॉलेजों के छात्रों-डॉक्टरों का सत्यापन कराने की माँग तेज

रिपोर्ट – कबीर

मुज़फ्फरनगर। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए ब्लास्ट ने पूरे देश में सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए अब उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग उठने लगी है। इसी क्रम में शिवसेना मुज़फ्फरनगर इकाई ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा जिलाधिकारी मुज़फ्फरनगर को संबोधित एक ज्ञापन सौंपकर जिले में संचालित प्राइवेट और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों, कार्यरत डॉक्टरों और समस्त कर्मचारियों का विस्तृत सुरक्षा सत्यापन कराने की आधिकारिक माँग की है।

ज्ञापन में बताया गया कि जनपद के मेडिकल कॉलेजों में विभिन्न समुदायों और राज्यों के छात्र अध्ययनरत हैं और बड़ी संख्या में डॉक्टर प्रैक्टिस भी कर रहे हैं। ऐसे में राजधानी में हुए धमाके के बाद सुरक्षा की दृष्टि से सभी संस्थानों में पुख़्ता जाँच आवश्यक हो जाती है। शिवसेना पदाधिकारियों ने यह भी उल्लेख किया कि विश्वस्त सूत्रों के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली है कि कई मेडिकल संस्थानों में बाहरी राज्यों से आए छात्रों एवं कर्मचारियों का नियमित सत्यापन वर्षों से लंबित है, जिससे सुरक्षा जोखिम बढ़ सकता है।

संगठन का कहना है कि दिल्ली में हुआ आतंकी हमला यह संकेत देता है कि देश के किसी भी हिस्से को निशाना बनाया जा सकता है। इसीलिए मेडिकल कॉलेजों जैसे संवेदनशील संस्थानों में पुलिस सत्यापन, दस्तावेजों की जाँच, हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था, अस्थायी रूप से रहने वाले लोगों का रिकॉर्ड और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

प्रतिनिधियों ने ज़ोर देकर कहा कि यह माँग किसी वर्ग विशेष या समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और जनहित में ध्यान रखते हुए उठाया गया कदम है। संगठन का मत है कि यदि किसी भी छात्र, डॉक्टर या कर्मचारी के संबंध किसी राष्ट्रविरोधी गतिविधि से पाए जाते हैं, तो कानून के तहत उसके विरुद्ध तत्काल और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

यह ज्ञापन शिवसेना मुज़फ्फरनगर इकाई की ओर से जिला प्रमुख विद्यार्थी सेना विशाल नायक, जिला महासचिव विनित कुमार, तथा जिला अध्यक्ष बिट्टू सिखेड़ा द्वारा संयुक्त रूप से सौंपा गया। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ अन्य प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में भी सुरक्षा प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि जिले की शांति और सुरक्षा बरकरार रहे।

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