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अखंड भारत यात्रा को मुस्लिम समाज का समर्थन, भाईचारे की मिसाल बनेगी पंडित धीरेंद्र शास्त्री की पैदल यात्रा

रिपोर्ट – कबीर

मुज़फ्फरनगर। देश में सांप्रदायिक सौहार्द और एकता की मिसाल पेश करने वाली एक अनोखी पहल इस समय पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा निकाली जा रही दिल्ली से वृंदावन तक अखंड भारत पैदल यात्रा को अब मुस्लिम समाज का भी खुला समर्थन मिल रहा है। यह यात्रा हिंदू एकता, राष्ट्रीय अखंडता और भारत की सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर स्थापित करने का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। इस यात्रा में देशभर से लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, वहीं अब मुज़फ्फरनगर और सहारनपुर जनपद से भी मुस्लिम समाज के सैकड़ों लोग इस यात्रा में शामिल होने जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, हिंदुस्तान पसमांदा मंच के नेतृत्व में कल इन दोनों जिलों से दर्जनों गाड़ियों का काफिला रवाना होगा, जो दिल्ली से निकलकर वृंदावन तक यात्रा में शामिल रहेगा।

हिंदुस्तान पसमांदा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद शमशाद मीर, राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहम्मद रिज़वान अंसारी और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद इदरीस खान ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि देश की एकता और भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि महंत धीरेंद्र शास्त्री का संदेश “अखंड भारत, एक धर्म, एक मानवता” हर वर्ग को जोड़ने का कार्य कर रहा है। मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद शमशाद मीर ने कहा कि भारत की असली ताकत उसकी विविधता और एकता में है। उन्होंने कहा, “हम इस यात्रा के माध्यम से यह संदेश देना चाहते हैं कि भारत में सभी धर्मों और समाजों के लोग एक परिवार की तरह रहते हैं। हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की यह मिसाल आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी।” इस ऐतिहासिक यात्रा में मुस्लिम समाज से लगभग 50 बुर्का पहनी महिलाएँ और 250 दाढ़ी-टोपीधारी पुरुष शामिल होंगे। सभी प्रतिभागी “हिंदू-मुस्लिम भाईचारा ज़िंदाबाद” और “जय भारत, जय एकता” के नारों के साथ यात्रा में भाग लेंगे। आयोजकों के अनुसार, यह कदम धार्मिक सीमाओं को पार कर मानवीय एकता और सामाजिक सौहार्द का सशक्त प्रतीक बनेगा। मुज़फ्फरनगर में इस खबर के सामने आने के बाद जिलेभर में चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि यह दृश्य देश में एक नए सामाजिक युग की शुरुआत का संकेत है, जहाँ आस्था और मानवता दोनों साथ-साथ चलेंगी। राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहम्मद रिज़वान अंसारी ने बताया कि हिंदुस्तान पसमांदा मंच का उद्देश्य केवल समर्थन देना नहीं, बल्कि यह दिखाना है कि भारत के मुसलमान भी इस भूमि के उतने ही सच्चे नागरिक हैं जितने अन्य धर्मों के अनुयायी। उन्होंने कहा, “पंडित धीरेंद्र शास्त्री का अखंड भारत का सपना अब हर मजहब का साझा सपना बनेगा।” राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद इदरीस खान ने कहा कि इस यात्रा में शामिल होकर हम यह साबित करेंगे कि भारत की असली पहचान ‘एकता और इंसानियत’ है, न कि धर्म के नाम पर बंटवारा। पंडित धीरेंद्र शास्त्री की यह यात्रा आगामी दिनों में वृंदावन पहुंचकर सम्पन्न होगी, जहाँ देशभर से हजारों श्रद्धालु और समर्थक जुटने की संभावना है। वहीं, मुस्लिम समाज की यह भागीदारी पूरे देश में एकता और सद्भाव का संदेश देने का कार्य करेगी। इस ऐतिहासिक यात्रा के माध्यम से एक बार फिर “सबका साथ, सबका विश्वास” का मंत्र साकार होता दिखाई दे रहा है — जो भारत की असली पहचान है।

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