रिपोर्ट – कबीर


मुजफ्फरनगर। केशवपुरी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज, केशवपुरी में शनिवार को आयोजित दादा-दादी/नाना-नानी सम्मान समारोह भावनाओं, संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों का अनुपम संगम बन गया। कार्यक्रम में जहां एक ओर बच्चों ने अपने बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया, वहीं मंच से भारतीय कुटुंब परंपरा को पुनर्जीवित करने का सशक्त संदेश भी दिया गया।
समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन व पुष्पार्चन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि सम हाग निरीक्षक जगवीर शर्मा, विद्यालय प्रबंधक अनिल कुमार सोबती, सदस्य संजय अग्रवाल, कुलदीप गोयल तथा प्रधानाचार्य कौशल आर्य ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का उद्घाटन किया। सभागार में उपस्थित दादा-दादी और नाना-नानी के चेहरों पर सम्मान पाकर झलकती संतुष्टि ने माहौल को भावुक बना दिया।
प्रबंधक अनिल कुमार सोबती ने कहा कि भारत की प्राचीन कुटुंब परंपरा में दादा-दादी की छत्रछाया में बच्चे संस्कारों की अमूल्य धरोहर पाते थे, लेकिन आज संयुक्त परिवारों के विघटन ने बच्चों को उस स्नेह और मार्गदर्शन से दूर कर दिया है। उन्होंने चेताया कि यदि यह दूरी यूं ही बढ़ती रही तो उसके सामाजिक परिणाम गंभीर होंगे।
मुख्य अतिथि जगवीर शर्मा ने भगवान श्रीराम के आदर्श का उदाहरण देते हुए कहा कि संस्कार ही व्यक्ति को मर्यादा और कर्तव्यपालन का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि नई पीढ़ी माता-पिता और बुजुर्गों के प्रति सम्मान की भावना को आत्मसात करे, तभी समाज सुदृढ़ बन सकेगा।
प्रधानाचार्य कौशल आर्य ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए स्पष्ट कहा कि यदि राष्ट्र को सशक्त और संस्कारित बनाना है तो कुटुंब व्यवस्था को पुनर्स्थापित करना होगा। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कारों का भी मंदिर है।
कार्यक्रम के दौरान नन्हे-मुन्ने बच्चों ने दादा-दादी को तिलक लगाकर, पटका पहनाकर और माल्यार्पण कर सम्मानित किया। पुष्पवर्षा के बीच जब बच्चों ने बुजुर्गों के चरण स्पर्श किए तो पूरा वातावरण भावविभोर हो उठा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह में रंग भर दिए और तालियों की गूंज देर तक सभागार में सुनाई देती रही।
कार्यक्रम का संचालन कृतिका गर्ग और नीरू शर्मा ने प्रभावी ढंग से किया। अंत में पूर्व प्रबंधक संजय अग्रवाल ने सभी अतिथियों और अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए बच्चों को आशीर्वाद दिया। विद्यालय परिवार के समस्त स्टाफ के सहयोग से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
