रिपोर्ट – कबीर

मुज़फ्फरनगर। विकास भवन का माहौल मंगलवार को उस समय गरमा गया जब ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता पर अपने ही विभाग के कर्मचारी से कथित रूप से अपमानजनक व्यवहार करने का आरोप लगा। प्रकरण सामने आते ही विकास भवन कर्मचारी एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया और कार्यालय के बाहर धरना देते हुए कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया।
मामला ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार से जुड़ा है। वरिष्ठ सहायक सुमित कुमार शर्मा ने 23 फरवरी 2026 को दिए अपने शिकायती प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि उन्हें अधिशासी अभियंता कक्ष में बुलाकर आक्रोशित स्वर में अमर्यादित एवं आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया। इतना ही नहीं, कर्मचारी ने आरोप लगाया कि उनके परिवार के प्रति भी अशोभनीय टिप्पणी की गई, जिससे वे मानसिक रूप से आहत हुए।
शिकायत सामने आने के बाद विकास भवन कर्मचारी एसोसिएशन की आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक संबंधित अधिकारी के विरुद्ध ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनके साथ सामान्य रूप से कार्य करना संभव नहीं है। इसके बाद 24 फरवरी 2026 से अधिशासी अभियंता कार्यालय के बाहर कार्य बहिष्कार करते हुए विरोध दर्ज कराने की घोषणा कर दी गई।
धरने के दौरान कर्मचारियों में खासा रोष देखने को मिला। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि संबंधित अधिकारी के खिलाफ स्थानांतरण, लिखित माफीनामा या अन्य ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा और विकास भवन के अन्य कार्यालयों का भी कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
कर्मचारियों का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि समूचे कर्मचारी वर्ग की गरिमा का प्रश्न है। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल विकास भवन परिसर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और सबकी नजर प्रशासनिक निर्णय पर टिकी है।

