कृषि भवन फतेहपुर में जारी है तीन दिवसीय विराट किसान मेला
रिपोर्ट – अनिल कुमार

फतेहपुर। कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत एग्रोक्लाइमेटिक जोन स्तरीय तीन दिवसीय विराट किसान मेला का आयोजन दिनांक 20, 21 एवं 22 जनवरी 2026 को कृषि भवन प्रांगण, फतेहपुर में किया जा रहा है। मेले के प्रथम दिवस किसानों का पंजीकरण प्रातः 9:30 बजे से किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक जहानाबाद राजेन्द्र सिंह पटेल, विधायक बिंदकी जय कुमार सिंह “जैकी” एवं मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन एवं फीता काटकर किया गया। मेले में कृषि, कृषि रक्षा, उद्यान, रेशम, मत्स्य, ग्राम्य विकास, श्रम विभाग, दिव्यांगजन विभाग, नमामि गंगे, इफ्को, बीज एवं खाद विक्रेता संस्थानों, स्वयं सहायता समूहों, एफपीओ तथा कृषि यंत्र विक्रेता फर्मों द्वारा स्टॉल लगाकर प्रदर्शनी आयोजित की गई। इन स्टॉलों के माध्यम से कृषकों को उन्नत कृषि यंत्रों, जैविक एवं घरेलू उत्पादों तथा विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई।
प्रथम दिवस कृषि विश्वविद्यालय नैनी, प्रयागराज के वैज्ञानिकों द्वारा उन्नत कृषि तकनीक, पशुपालन, उद्यान, शस्य एवं वानिकी विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही जिला उद्यान अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, अग्रणी जिला प्रबंधक, सहायक निदेशक रेशम सहित अन्य अधिकारियों द्वारा विभागीय योजनाओं से कृषकों को अवगत कराया गया। डॉ. प्रवीण चरन, निदेशक (प्रसार), शुआट्स नैनी प्रयागराज, डॉ. टी.डी. मिश्रा, डॉ. सरवेन्द्र कुमार एवं डॉ. शिशिर कुमार, कृषि वैज्ञानिकों द्वारा शस्य विज्ञान, वानिकी, उद्यान एवं पशुपालन से संबंधित नवीनतम कृषि तकनीकों की जानकारी कृषकों को प्रदान की गई। विधायक राजेन्द्र सिंह पटेल ने कृषकों से सरकार की कृषि योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने, मिलेट्स (श्रीअन्न) की खेती अपनाने, जल संरक्षण करने एवं पराली न जलाने की अपील की। वहीं विधायक जय कुमार सिंह “जैकी” ने फार्मर रजिस्ट्री कराने, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित अन्य योजनाओं का लाभ लेने तथा उन्नतशील खेती अपनाने के लिए कृषकों को प्रेरित किया। वहीं उप कृषि निदेशक नरोत्तम कुमार ने पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम कुसुम योजना, फसल बीमा योजना, बीज वितरण, जैविक खेती एवं श्रीअन्न के उपयोग के संबंध में विस्तृत जानकारी दी तथा अधिक से अधिक कृषकों को फार्मर रजिस्ट्री कराने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान लोक सांस्कृतिक एवं नाट्य प्रस्तुतियों, कठपुतली एवं जादूगर कार्यक्रम के माध्यम से कृषकों को मिलेट्स उत्पादन, जल संरक्षण, पराली प्रबंधन, नहर कटान रोकथाम, फार्मर रजिस्ट्री एवं जैविक खेती के प्रति जागरूक किया गया। कृषक-वैज्ञानिक संवाद कार्यक्रम के माध्यम से उन्नतशील कृषकों के अनुभव साझा किए गए। कार्यक्रम के अंत में उप कृषि निदेशक द्वारा उपस्थित समस्त अतिथियों, अधिकारियों एवं कृषकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
इस अवसर पर संयुक्त कृषि निदेशक प्रयागराज मंडल, मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, अग्रणी जिला प्रबंधक, भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों सहित बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।
