रिपोर्ट – कबीर

मुज़फ्फरनगर। भारतीय अति पिछड़ा वर्ग संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहन प्रजापति को अज्ञात व्यक्ति द्वारा जान से मारने की धमकी दिए जाने के बाद संगठन में रोष फैल गया। मामले को लेकर टाउन हॉल स्थित कार्यालय पर आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें दबंगों के खिलाफ संघर्ष को और तेज करने का निर्णय लिया गया।
आपात बैठक को संबोधित करते हुए मोहन प्रजापति ने कहा कि खेड़ी दूधाधारी गांव में प्रजापति समाज के एक गरीब मजदूर के मकान पर दबंगों द्वारा बुलडोजर चलाए जाने के विरोध में आवाज उठाने पर उन्हें धमकी दी गई है। इस घटना से समाज में आक्रोश है, लेकिन वे किसी भी धमकी से डरने वाले नहीं हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब केवल धरना-प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि जहां समाज का शोषण होगा, वहां संगठन मौके पर जाकर टकराने को तैयार रहेगा। मोहन प्रजापति ने कहा कि समाज के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष और मजबूती से लड़ा जाएगा और इसके लिए शासन-प्रशासन जिम्मेदार होगा।
बैठक में मौजूद नेताओं ने एकजुटता दिखाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
आपात बैठक में वरिष्ठ नेता हरेंद्र पाल, जिला अध्यक्ष रामपाल सिंह पाल, प्रभारी इंद्रमल प्रजापति, सुंदरलाल प्रजापति, जगदीश प्रजापति, सुखपाल कश्यप, कृष्णपाल सेन, विजय पाल, रवि पाल, सुमित प्रजापति, युवा नेता राहुल धीमान, डॉ. राजवीर सिंह प्रजापति सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
