रिपोर्ट – अनिल कुमार

फतेहपुर। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा महिला के हिजाब खींचने और उत्तर प्रदेश में सामने आई कई गंभीर और अमानवीय घटनाओं के विरोध में किया गया। जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।
AIMIM के यूथ जिलाध्यक्ष कासिम सिद्दीकी ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा डॉ. नुशरत परवीन का नक़ाब खींचना न सिर्फ एक महिला का अपमान है, बल्कि देश की संस्कृति और संविधानिक मूल्यों पर भी आघात है। इससे भी अधिक शर्मनाक बात यह है कि मंत्री संजय निषाद और गिरिराज सिंह जैसे नेताओं द्वारा इस कृत्य का बचाव किया गया। उन्होंने कहा कि यह पूरे देश की महिलाओं के सम्मान का मुद्दा है।
कासिम सिद्दीकी ने बिहार के नवादा में अतहर हुसैन की मॉब लिंचिंग और कानपुर देहात के अकबरपुर मेडिकल कॉलेज में आठ माह की गर्भवती रुखसार के पेट पर लात मारने की घटना को अमानवीय और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि धर्म और जाति के नाम पर की जा रही हिंसा देश को शर्मसार कर रही है और इस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।
कार्यकर्ताओं ने मांग की कि ऐसे नेताओं और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति महिलाओं के सम्मान या मानवता के खिलाफ ऐसा कृत्य करने का साहस न कर सके। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए, तो ऐसे अपराध बढ़ते जाएंगे।
प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष एडवोकेट मोहिउद्दीन फारूकी, यूथ जिलाध्यक्ष कासिम सिद्दीकी के साथ मो. साजिद, मो. अहमद, मो. वसीम, आमिर अली, अताउल्ला, चांदबाबू सहित बड़ी संख्या में AIMIM के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने नारेबाजी कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
