बिजनौर | रिपोर्ट – राकेश कुमार
बिजनौर के रायपुर रोड तिराहे पर शनिवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक कार अचानक धर्मकांटे के खुले गड्ढे में जा गिरी। हादसा कोटद्वार रोड स्थित राम लक्ष्मी फार्म हाउस के पास बने प्रकाश धर्मकांटा पर हुआ, जहां लोडिंग प्लेट न लगी होने के कारण यह दुर्घटना हुई। राहत की बात यह रही कि कार में सवार इंडेन गैस डिस्ट्रीब्यूटर रोहितराज सिंह और उनका परिवार बाल-बाल बच गया।घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने धर्मकांटा संचालकों की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए।पार्किंग के दौरान हुआ हादसाजानकारी के अनुसार 9 मई की शाम रोहितराज सिंह किसी कार्य से रायपुर तिराहे स्थित एसबीआई एटीएम पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि जैसे ही उन्होंने अपनी कार प्रकाश धर्मकांटा के पास पार्क करने की कोशिश की, वहां लोडिंग प्लेट न होने के कारण कार अचानक सीधे गड्ढे में जा गिरी।हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास मौजूद लोग भी घबरा गए। कार का अगला हिस्सा गड्ढे में फंस गया और वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।एयरबैग खुलने से बची जानहादसे में कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन गनीमत रही कि कार के एयरबैग समय पर खुल गए। इसी वजह से कार सवार रोहितराज सिंह और उनके परिवार को गंभीर चोट नहीं आई।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एयरबैग नहीं खुलते तो हादसा काफी गंभीर हो सकता था।धर्मकांटा संचालकों पर उठे सवालघटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने प्रकाश धर्मकांटा संचालकों की लापरवाही पर नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि धर्मकांटे को बिना ढके खुले छोड़ देना बेहद खतरनाक है, खासकर ऐसे इलाके में जहां दिनभर भारी वाहनों और आम लोगों की आवाजाही रहती है।रायपुर तिराहा बिजनौर का व्यस्त क्षेत्र माना जाता है और यहां लगातार ट्रैफिक बना रहता है। ऐसे में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर लोगों में आक्रोश देखा गया।पहले भी दी गई थी चेतावनीमौके पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि वह कई दिनों से धर्मकांटे को ढकने के लिए वहां मौजूद जिम्मेदार लोगों को चेतावनी दे रहे थे, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस हादसे में किसी की जान चली जाती तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता। लोगों ने प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालघटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों और व्यस्त मार्गों के आसपास इस तरह के खुले गड्ढे किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे स्थानों पर उचित चेतावनी संकेत, बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था होना बेहद जरूरी है।प्रशासन से कार्रवाई की मांगस्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि धर्मकांटे की सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।फिलहाल इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन बिजनौर के रायपुर रोड तिराहे पर हुई यह घटना एक बार फिर लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी को उजागर कर गई है।
