बिजनौर/नगीना | रिपोर्ट – राकेश कुमार
उत्तर प्रदेश की वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद और चार बार विधायक रहीं ओमवती देवी के निधन के साथ ही नगीना की राजनीति का एक स्वर्णिम अध्याय समाप्त हो गया। शनिवार को उनके पार्थिव शरीर की अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। नम आंखों और भारी मन से लोगों ने अपनी प्रिय नेता को अंतिम विदाई दी।जैसे ही उनकी अंतिम यात्रा नगीना के मंडी मोलगंज क्षेत्र में पहुंची, पूरा शहर श्रद्धांजलि देने के लिए सड़कों पर उतर आया। हर ओर “जब तक सूरज चाँद रहेगा, ओमवती जी का नाम रहेगा” के नारों की गूंज सुनाई देती रही।जनसैलाब में बदली अंतिम यात्रापूर्व मंत्री ओमवती देवी की अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में समर्थक, राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और आम लोग शामिल हुए। लोगों ने रास्ते भर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।स्थानीय लोगों का कहना था कि ओमवती देवी केवल एक राजनेता नहीं थीं, बल्कि गरीबों, मजलूमों और जरूरतमंदों की आवाज थीं। उनके निधन से क्षेत्र की राजनीति और समाज को बड़ी क्षति पहुंची है।सांसद चंद्रशेखर आजाद ने दी श्रद्धांजलिनगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने बिजनौर स्थित आवास पहुंचकर पूर्व मंत्री ओमवती देवी को पुष्पांजलि अर्पित की और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।उन्होंने कहा कि ओमवती देवी ने अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा जनता की आवाज उठाई और समाज के कमजोर वर्गों के लिए संघर्ष किया। उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।परिवार के साथ चला लोगों का कारवांअंतिम यात्रा में उनके पति पूर्व आईएएस अधिकारी आर.के. सिंह, पुत्र राजीव सिंह और पुत्रवधू हेनरीता राजीव सिंह, जो कांग्रेस की जिलाध्यक्ष भी हैं, लगातार मौजूद रहे।परिवार के साथ हजारों समर्थकों और शुभचिंतकों का कारवां चलता रहा। लोगों की आंखों में अपने प्रिय नेता को खोने का दर्द साफ दिखाई दे रहा था।सभी दलों के नेता पहुंचेपूर्व मंत्री ओमवती देवी को अंतिम विदाई देने के लिए भाजपा, कांग्रेस, पीस पार्टी और समाजवादी पार्टी सहित विभिन्न दलों के नेता भी पहुंचे।इस दौरान शाहनवाज खलील, शेख अंजार, अब्दुल वाहिद, लाला पंकज, रोहित रवि, मिस बाबुल, हसन, सभासद हनीफ, असलम, राकेश मिश्रा एडवोकेट, नफीस कुरैशी, डॉ. सुशील, मास्टर अली हसन और हाजी एहसान भट्टे वाले सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और पत्रकार मौजूद रहे।गरीबों की आवाज मानी जाती थीं ओमवती देवीस्थानीय लोगों के अनुसार ओमवती देवी ने हमेशा गरीबों और कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई। राजनीति में रहते हुए उन्होंने जनता से सीधा जुड़ाव बनाए रखा, जिसके कारण लोगों के बीच उनकी खास पहचान थी।लोगों का कहना है कि वह जमीन से जुड़ी नेता थीं और आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनती थीं।नगीना के बाजारों में पसरा सन्नाटापूर्व मंत्री के निधन के बाद नगीना शहर में शोक का माहौल देखने को मिला। कई बाजारों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर सन्नाटा पसरा रहा।लोगों ने कहा कि ओमवती देवी का जाना केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।राजनीति में लंबे समय तक रहा प्रभावचार बार विधायक और पूर्व सांसद रहीं ओमवती देवी का राजनीतिक जीवन बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने लंबे समय तक क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई और जनता के बीच मजबूत पकड़ बनाए रखी।उनकी अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रमाण रहा कि लोगों के दिलों में उनके प्रति कितना सम्मान और लगाव था।नगीना में शनिवार का दिन भावनाओं, श्रद्धा और शोक से भरा रहा। पूर्व मंत्री ओमवती देवी को दी गई अंतिम विदाई ने यह साबित कर दिया कि जनसेवा और जनता से जुड़ाव ही किसी नेता की सबसे बड़ी पहचान होती है।
