रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। मुज़फ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन की मासिक समीक्षा बैठक से बड़ी खबर सामने आई है। संगठन ने भोपा थाना क्षेत्र के चर्चित धर्मांतरण प्रकरण को लेकर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। किसान यूनियन का आरोप है कि मामले में किसान को गलत तरीके से फंसाकर जेल भेजा गया और पूरे विवाद को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई। संगठन ने प्रशासन को एक सप्ताह का समय देते हुए साफ चेतावनी दी है कि अगर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन होगा।
महावीर चौक स्थित भारतीय किसान यूनियन कार्यालय पर जिलाध्यक्ष चौधरी नवीन राठी की अध्यक्षता में हुई बैठक में भोपा थाना क्षेत्र के धर्मांतरण विवाद पर तीखी चर्चा हुई। वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कहा कि किसान को साजिशन निशाना बनाया गया है और पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई की है।
बैठक में कहा गया कि फिलहाल गेहूं कटाई और गन्ना बुआई का समय चल रहा है, इसलिए किसान हित में प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया जा रहा है। अगर इस दौरान निष्पक्ष जांच कर न्याय नहीं दिया गया तो संगठन बड़ा फैसला लेकर सड़क पर उतरेगा।
इसके साथ ही जून माह में हरिद्वार में होने वाले किसान चिंतन महाशिविर की तैयारियों पर चर्चा हुई। बिजली विभाग की लापरवाही, राजवाहों में पानी की कमी, यूरिया खाद संकट और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर भी किसानों ने नाराजगी जताई।
बैठक में राष्ट्रीय महासचिव चौधरी ओमपाल मलिक, धीरज लाठियांन, विकास शर्मा, श्यामलाल चेयरमैन, बलराम सिंह, अनुज बालियान, संजीव पंवार, मोनू प्रधान, गुलबहार राव समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला मीडिया प्रभारी हेमेंद्र कुमार ने किया।

