रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। शहर के रुड़की रोड स्थित जनकपुरी क्षेत्र में नगर पालिका की भूमि पर किए गए अवैध कब्जे पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए ताला तोड़कर कब्जा मुक्त करा दिया। राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल के सीधे निर्देश पर हुई इस कार्रवाई ने इलाके में हड़कंप मचा दिया और राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज कर दी।
बताया जा रहा है कि वार्ड-32 जनकपुरी में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर पालिका द्वारा निर्मित शौचालय पर सभासद पति सलेक चंद ने कब्जा जमा लिया था। आरोप है कि उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर पालिका कर्मचारियों को वहां से हटवा दिया और सरकारी संपत्ति को निजी उपयोग में ले लिया।
मामला उस वक्त तूल पकड़ गया जब मंत्री कपिल देव अग्रवाल बाबा साहेब की जयंती के अवसर पर जनकपुरी की दलित बस्ती में श्रद्धांजलि देने पहुंचे। यहां स्थानीय लोगों ने बच्चों की शिक्षा को लेकर समस्या उठाई, जिस पर मंत्री ने तुरंत संज्ञान लेते हुए मौके पर ही अधिकारियों को तलब कर लिया।
मंत्री के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार और सिटी मजिस्ट्रेट पंकज राठौर टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बिना देरी किए कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। प्रशासनिक अमले ने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और स्थल को नगर पालिका के कब्जे में ले लिया।
ताला टूटते ही अंदर का नजारा चौंकाने वाला था। शौचालय के भीतर बीयर की खाली बोतलें, केन और नमकीन-चिप्स के पैकेट बिखरे पड़े मिले, जिससे साफ जाहिर हुआ कि सरकारी सुविधा का दुरुपयोग किया जा रहा था।
कार्रवाई के बाद प्रशासन ने दोबारा स्थल पर नगर पालिका का ताला लगवा दिया है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि अब इस स्थान का उपयोग स्थानीय बच्चों की पढ़ाई के लिए किया जाएगा, ताकि क्षेत्र के बच्चों को नजदीक ही शिक्षा की सुविधा मिल सके।
इस पूरी कार्रवाई के बाद जनकपुरी इलाके में प्रशासन की सख्ती की जमकर चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह अवैध कब्जों पर कार्रवाई जारी रही, तो शहर में व्यवस्था और पारदर्शिता दोनों मजबूत

