रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा की जरूरतों के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर अब महिलाओं का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है। सोमवार को क्रांति सेना महिला मोर्चा की एक अहम बैठक पार्टी कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें संगठन की पदाधिकारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान कर दिया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि रसोई गैस, खाद्य पदार्थों और अन्य जरूरी वस्तुओं के बढ़ते दामों के विरोध में 15 अप्रैल को जिला मुख्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आम जनता, खासकर गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ रहे महंगाई के बोझ को कम करने की मांग उठाई जाएगी।
महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मौजूदा नीतियां पूरी तरह जनविरोधी साबित हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर महंगाई लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार केवल रैलियों और भीड़ जुटाने में लगी है। गरीब और आम आदमी की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है, जिससे जनता में भारी नाराजगी है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जब तक महंगाई पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक संगठन की महिलाएं किसी भी सरकारी कार्यक्रम या मुख्यमंत्री की रैली में शामिल नहीं होंगी। इसे उन्होंने “जनता के साथ हो रही दिखावटी राजनीति” करार दिया।
इस दौरान जिला उपाध्यक्ष पूनम चाहल, जिला अध्यक्ष पूनम चौधरी, जिला उपाध्यक्ष शालू चौधरी, राखी प्रजापति, रजनी शर्मा, मीनू शर्मा, जिला सचिव निधि शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष मिथिलेश गिरी समेत बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

