रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय कार्यालय पर सोमवार को संगठन का 112वां स्थापना दिवस पूरे उत्साह और जोश के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने हुतात्मा नाथूराम गोडसे की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्प वर्षा की और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. सिद्धार्थ भट्टाचार्य ने कहा कि हिंदू महासभा की स्थापना उस दौर में हुई थी जब देश अंग्रेजों की गुलामी में जकड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य न केवल देश को आजादी दिलाना था, बल्कि सनातन धर्म की रक्षा करना भी रहा है।
जिला अध्यक्ष संदीप मित्तल ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू महासभा एक ऐसा संगठन है जिसमें केवल हिंदू समाज के लोग ही सदस्य बन सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि संगठन की कई पुरानी मांगों को आज सरकार द्वारा पूरा किया जा रहा है, जिनमें कश्मीर से धारा 370 हटाना और अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण प्रमुख हैं।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने वीर सावरकर सहित अन्य क्रांतिकारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन का इतिहास बलिदान और संघर्ष से भरा हुआ है। साथ ही यह भी कहा गया कि भविष्य में हिंदू राष्ट्र के निर्माण का लक्ष्य संगठन की प्राथमिकता बना रहेगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी प्रेषित किया गया, जिसमें मुजफ्फरनगर का नाम बदलकर लक्ष्मी नगर किए जाने तथा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले से जुड़े पक्षकार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग उठाई गई।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष योगेंद्र वर्मा, वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमरीश त्यागी, पश्चिम उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मोहित त्यागी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सोना सिंह, युवा नगर अध्यक्ष योग ठाकुर, सावन प्रजापति सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

