रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। अखिल भारत हिंदू महासभा के 111वें स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर जनपद में संगठन ने अपनी मौजूदगी और सियासी सक्रियता का जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. सिद्धार्थ भट्टाचार्य ने सनातन हितों के लिए कार्य करने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सम्मानित करते हुए संगठन की आगामी रणनीति का भी संकेत दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत हुतात्मा नाथूराम गोडसे की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई, जिसके बाद संगठन से जुड़े प्रमुख पदाधिकारियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष साक्षी वर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमरीश त्यागी, विधि प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट बृजभूषण शर्मा, जिला अध्यक्ष संदीप मित्तल, मंडल महामंत्री मोहित त्यागी, राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री प्रजापति, युवा नगर सचिव ठाकुर सावन, दीपक प्रजापति, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सोना सिंह व श्रेया सिंह शामिल रहे।
राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष योगेंद्र वर्मा ने इस मौके पर कहा कि हिंदू महासभा पिछले 111 वर्षों से सनातन, देश और गौ रक्षा जैसे मुद्दों को लेकर लगातार संघर्षरत रही है। उन्होंने बताया कि संगठन की कई प्रमुख मांगें अब पूरी हो चुकी हैं, जिनमें कश्मीर से धारा 370 हटना और अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण शामिल है।
कार्यक्रम के दौरान संगठन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित मुजफ्फरनगर दौरे को लेकर भी अपनी मांगों को स्पष्ट किया। पदाधिकारियों ने एक पत्र के माध्यम से जनपद का नाम बदलकर ‘लक्ष्मी नगर’ करने की मांग उठाई, जबकि दूसरा पत्र श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष फलहारी दिनेश महाराज की सुरक्षा को लेकर सौंपने की बात कही गई।
डॉ. सिद्धार्थ भट्टाचार्य ने कहा कि फलहारी दिनेश महाराज सनातन की लड़ाई लड़ रहे हैं और ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्त नहीं हो जाती, हिंदू महासभा पूरी ताकत के साथ उनके साथ खड़ी रहेगी।
जिला अध्यक्ष संदीप मित्तल और मंडल महामंत्री मोहित त्यागी ने अपने संबोधन में संगठन को विश्व की एकमात्र हिंदूवादी पार्टी बताते हुए कहा कि महासभा अपने मूल उद्देश्यों पर अडिग है और आने वाले समय में राजनीतिक रूप से और मजबूत होगी। इसी क्रम में 2027 के चुनाव को लेकर भी संगठन ने पूरी मजबूती से मैदान में उतरने का ऐलान किया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय से लेकर स्थानीय स्तर तक के पदाधिकारियों की मौजूदगी ने संगठन की एकजुटता और आगामी सियासी रणनीति की झलक साफ तौर पर पेश की।

