रिपोर्ट – कबीर

मुज़फ्फरनगर। जनपद में शिक्षा को जनआंदोलन बनाने की दिशा में ‘स्कूल चलो अभियान-2026’ का बुधवार को वहलना स्थित कम्पोजिट विद्यालय से भव्य शुभारंभ हुआ। प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निरवाल और जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ कर छात्र-छात्राओं की जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रैली में शामिल बच्चों के हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां और “मम्मी-पापा हमें पढ़ाओ, स्कूल चलकर नाम लिखाओ” जैसे नारों की गूंज ने पूरे क्षेत्र को शिक्षा के रंग में रंग दिया। माहौल ऐसा बना कि राह चलते लोग भी रुककर इस अभियान से जुड़ने की प्रेरणा लेने लगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने साफ शब्दों में कहा कि यह अभियान सिर्फ सरकारी पहल नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी से चलने वाला मिशन है। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा मजदूरी या अभाव के कारण शिक्षा से दूर न रहे, यह हम सभी की जिम्मेदारी है। अभिभावकों से उन्होंने अपील की कि बच्चों का नामांकन कराकर उन्हें नियमित विद्यालय भेजें, ताकि उनका भविष्य मजबूत बन सके।
जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निरवाल ने शिक्षा को समाज की रीढ़ बताते हुए कहा कि शिक्षित समाज ही मजबूत राष्ट्र की नींव रखता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
वहीं जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने अभियान की रणनीति साझा करते हुए बताया कि जनपद में घर-घर सर्वे कर ऐसे बच्चों की पहचान की जाएगी, जो विद्यालय से बाहर हैं या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। विशेष अभियान चलाकर ऐसे बच्चों का पुनः नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईंट-भट्टों, मलिन बस्तियों और कमजोर वर्ग के बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रह जाए।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया, वहीं छात्र-छात्राओं को पुस्तकें, पेंसिल और अन्य शैक्षिक सामग्री वितरित कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। अभिभावकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया गया कि बच्चों को निःशुल्क यूनिफॉर्म, पाठ्यपुस्तकें, जूते-मोजे, स्कूल बैग और मध्यान्ह भोजन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
अंत में शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने संकल्प लिया कि वे घर-घर जाकर शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाएंगे और हर पात्र बच्चे का नामांकन सुनिश्चित करेंगे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद रहे।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से शुरू हुआ यह अभियान अब जनपद में शिक्षा की नई अलख जगाने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।

