रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। “सुपोषित उत्तर प्रदेश, सशक्त भारत” के लक्ष्य को मजबूती देने की दिशा में सोमवार को जनपद में बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लखनऊ से आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम के क्रम में मुजफ्फरनगर में आंगनबाड़ी व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त करते हुए 142 स्मार्टफोन और ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस का वितरण किया गया, वहीं नव-निर्मित 35 आंगनबाड़ी केंद्रों और 4 बाल विकास परियोजना कार्यालय भवनों का लोकार्पण भी हुआ।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में लखनऊ से हो रहे सीधा प्रसारण को जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने देखा। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल, एमएलसी वंदना वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी, रालोद जिलाध्यक्ष संजय राठी और मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस दौरान जनपद को मिली नई सौगातों में 35 आंगनबाड़ी केंद्र भवनों और 4 बाल विकास परियोजना कार्यालयों का विधिवत लोकार्पण किया गया। साथ ही मुख्य सेविकाओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस एवं 142 स्मार्टफोन वितरित कर उन्हें डिजिटल रूप से सशक्त बनाया गया।
कार्यक्रम में बोलते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल ने कहा कि स्मार्टफोन मिलने से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का कार्य न केवल सरल होगा बल्कि उसकी गति और प्रभावशीलता भी बढ़ेगी। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को समाज की मजबूत नींव बताते हुए उनके योगदान की सराहना की।
वहीं एमएलसी वंदना वर्मा ने कहा कि बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां अहम भूमिका निभाती हैं। आधुनिक तकनीक के जुड़ने से अब वे योजनाओं की जानकारी तेजी से प्राप्त कर सकेंगी और समयबद्ध रिपोर्टिंग के जरिए पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ बेहतर ढंग से पहुंचा पाएंगी।
कार्यक्रम का संचालन बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. राजीव कुमार ने किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुशील कुमार, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी शक्ति सरन श्रीवास्तव, बाल विकास परियोजना अधिकारी अत्येन्द्र सिंह, संतोष कुमार शर्मा, राहुल कुमार समेत बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, सहायिकाएं और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
तकनीक और आधारभूत ढांचे के इस दोहरे सशक्तिकरण से जनपद में कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को नई धार मिलने की उम्मीद है, जिससे “सुपोषित उत्तर प्रदेश” के संकल्प को जमीनी हकीकत में बदलने की दिशा और मजबूत होगी।

