रिपोर्ट – कबीर

मुज़फ्फरनगर। जनपद के व्यस्त महावीर चौक पर मंगलवार की सुबह तेज़ रफ्तार का कहर देखने को मिला, जहां एक दर्दनाक सड़क हादसे में रोज़ी-रोटी की जद्दोजहद में जुटे एक गरीब युवक की जिंदगी पलभर में खत्म हो गई। सड़क किनारे नारियल का ठेला लगाकर अपने परिवार का पेट पालने वाले 22 वर्षीय युवक को अनियंत्रित वैगनआर कार ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक उछलकर सड़क पर जा गिरा और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। मृतक की पहचान रिजवान (22) पुत्र टिंडा, निवासी बरेली के रूप में हुई है। बताया गया कि रिजवान बेहतर भविष्य और अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए बरेली से मुजफ्फरनगर आया था। वह महावीर चौक के पास नारियल का ठेला लगाकर मेहनत-मजदूरी कर रहा था और इसी से अपने घर का खर्च चला रहा था।
मंगलवार सुबह भी वह रोज़ की तरह अपने ठेले पर काम में जुटा हुआ था। तभी तेज़ रफ्तार में आई एक वैगनआर कार ने अचानक नियंत्रण खो दिया और सीधे उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रिजवान गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा और कुछ ही क्षणों में उसकी सांसें थम गईं।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने इंसानियत दिखाते हुए घायल युवक को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से परिजनों में कोहराम मच गया और अस्पताल परिसर में माहौल गमगीन हो गया।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद कार चालक इंसानियत का दिखावा करते हुए उनके साथ अस्पताल तक तो गया, लेकिन जैसे ही उसे युवक की मौत की जानकारी मिली, वह चुपके से दूसरी गाड़ी में बैठकर मौके से फरार हो गया। इस हरकत से परिजनों में भारी आक्रोश है और उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सूचना मिलने पर थाना सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल से वैगनआर कार को भी कब्जे में ले लिया है। मृतक के भाई की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस का कहना है कि फरार चालक की तलाश के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं इस दर्दनाक हादसे की खबर जैसे ही रिजवान के गांव बरेली पहुंची, वहां भी मातम पसर गया और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

