रिपोर्ट – हरीश

हमीरपुर। सुमेरपुर कस्बे में सिंचाई विभाग की बंधी को क्षतिग्रस्त करके आलीशान मकान, दुकान, ऑफिस बनाने वालों की हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन के लिए सिंचाई विभाग द्वारा दी गई नोटिस की समयावधि पूर्ण होते ही सभी कब्जाधारकों की धड़कनें बढ़ने लगी है। सभी की निगाहें सिंचाई विभाग के अगले कदम की ओर लग गई हैं। सिंचाई विभाग का अगला कदम कब उठता है यह अभी भविष्य के गर्त पर है।
कस्बे की सिंचाई विभाग की बंधी संख्या दो में कस्बे के एक सैकड़ा लोगों ने दो दशक से कब्जा जमा रखा है। इस कब्जे को हटाने के लिए सरीला तहसील के रहटिया गांव निवासी श्याम बाबू यादव ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की थी। वर्ष 2021 में दाखिल हुई। इस याचिका को सुनते हुए न्यायालय ने सिंचाई विभाग से रिपोर्ट मांगी थी। सिंचाई विभाग ने 95 लोगों को चिन्हित करके रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। सिचाई विभाग की रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने कब्जा ध्वस्तीकरण के आदेश नवंबर 2021 में दिए थे। इस आदेश के अनुपालन के लिए प्रशासन ने न्यायालय से 6 माह का समय मांगा था। न्यायालय ने स्वीकार कर लिया था। इसके बाद प्रशासन ने आदेश को अलमारी में बंद कर रखा था। जनवरी माह में कस्बे में हुए लव जेहाद की घटना के बाद सिंचाई विभाग की बंधी पर कब्जे का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आया क्योंकि जिस इंडियन उर्फ इंडिया लाज में घटना को अंजाम देना बताया गया है। वह भी बंधी को ध्वस्त करके बनाया गया है। घटना के बाद पुलिस ने लाज को बंद कर दिया और सीसीटीवी कैमरे की डीबीआर कब्जे में ले रखी है। मामला सुर्खियों में आने के बाद सक्रिय हुए सिंचाई विभाग महोबा ने कब्जाधारकों को 20 फरवरी को कब्जा हटाने के लिए अंतिम नोटिस जारी किया। इसकी समयावधि 7 मार्च को पूर्ण हो गई है। नोटिस की अवधि पूर्ण होने के बाद कब्जा धारकों की धड़कनें तेज होती जा रही हैं। सिंचाई विभाग अगला कदम कब और किस दिन उठाने वाला है यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है लेकिन अगले कदम को लेकर लोगों में दिन प्रतिदिन बेचैनी बढ़ती जा रही है।
एसडीएम सदर केडी शर्मा ने बताया कि सिंचाई विभाग की नोटिस के बाद अब एक नोटिस उनकी अदालत से जारी किया जाना है। इस नोटिस के बाद ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को अंजाम दिया जाएगा।
जिस स्थान के लिए दाखिल हुई थी याचिका वहां अस्थाई अतिक्रमण

भरुआ सुमेरपुर। बंधी के जिस स्थान के कब्जे को हटाने के लिए जनहित याचिका दाखिल की गई थी वहां पर आज भी अस्थाई कब्जा है जबकि बंधी के अन्य स्थानों में स्थाई कब्जा है।
सिंचाई विभाग की बंधी संख्या 2 के अंदर बस्ती आबाद है। बंधी के बाहर बांदा मार्ग है। बंधी के ऊपर बस स्टॉप से लेकर स्टेशन के बाहर तक लोगों का कब्जा है। बंधी के अंदर बने मकानों के लोग बंधी के सामने के बजाय दूसरे रास्तों से आते जाते हैं। बंधी के सामने से रास्ता लेने के लिए ही जनहित याचिका दाखिल की गई थी। जिस जगह से बंधी में रास्ता मांगा जा रहा था वहां आज भी अस्थाई अतिक्रमण है। लोगों ने टीन टप्पर के साथ दुकाने बना रखी है बाकी शेष बंधी में स्थाई रूप से दुकान, मकान, ऑफिस बने हुए हैं।
