रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। तहसील जानसठ के सभागार में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की भीड़ उमड़ी। बिजली, राशन कार्ड, पेंशन, भूमि विवाद, सड़क और पुलिस प्रशासन से जुड़ी शिकायतों के साथ कुल 56 मामले अधिकारियों के सामने रखे गए, जिनमें से केवल चार शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया जा सका। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को जांच व कार्रवाई के लिए सौंप दिया गया।
सम्पूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और अपर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने की। इस दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों को महज औपचारिकता न समझा जाए, बल्कि संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई शिकायत ऐसी है जिसका समाधान संभव नहीं है तो उसकी सही जानकारी शिकायतकर्ता को दी जाए, ताकि अनावश्यक भटकाव से बचा जा सके। डीएम ने यह भी निर्देश दिए कि सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त सभी शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर संतोषजनक निस्तारण किया जाए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आईजीआरएस और सीएम डैशबोर्ड पर आने वाली शिकायतों के प्रति भी गंभीर रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों को कंप्यूटर पर अपलोड करने से पहले उन्हें ध्यानपूर्वक पढ़ा जाए और उसके बाद ही दर्ज किया जाए, ताकि सही और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
समाधान दिवस में प्राप्त शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को संदर्भित करते हुए डीएम ने निर्देश दिए कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर शिकायतकर्ता से फीडबैक लें और निस्तारण के बाद स्थल की फोटो भी उपलब्ध कराएं, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी जानसठ राजकुमार भारती, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार तेवतिया, तहसीलदार श्रद्धा गुप्ता, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, क्षेत्राधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद

