रिपोर्ट – कबीर


मुजफ्फरनगर। शहर के विकास को नई रफ्तार देने के लिए नगरपालिका परिषद ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए 159 प्रस्तावों वाला अब तक का सबसे बड़ा एजेंडा सर्वसम्मति से पारित कर दिया। टाउनहाल सभाकक्ष में आयोजित बोर्ड बैठक महज 20 मिनट में पूरी हुई, लेकिन इस छोटी अवधि में शहर के भविष्य की लंबी रूपरेखा खींच दी गई। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 290.34 करोड़ रुपये की अनुमानित आय का मूल बजट मंजूर किया गया, जबकि 486.76 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को हरी झंडी देकर शहर के व्यापक कायाकल्प की तैयारी कर ली गई।
बैठक की अध्यक्षता पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने की। पदेन सदस्य एमएलसी वंदना वर्मा का स्वागत किया गया। अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बजट सहित सभी प्रस्ताव सदन के पटल पर रखे, जिन्हें बिना विरोध के पारित कर दिया गया।
टाउनहाल परिसर में बनेगा भगवान परशुराम का भव्य स्मारक
बैठक में टाउनहाल परिसर में भगवान परशुराम की भव्य प्रतिमा एवं स्मारक निर्माण का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पास हुआ। इस परियोजना पर करीब 50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। पालिका नेतृत्व ने इसे सांस्कृतिक आस्था और शहर की पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया।
विकास कार्यों की झड़ी, शहर का बदलेगा चेहरा
बोर्ड बैठक में पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ीकरण, पथ प्रकाश सुधार, 300 से अधिक नई सड़कों के निर्माण, जल निकासी तंत्र के आधुनिकीकरण और व्यापक शहरी सौन्दर्यकरण को मंजूरी दी गई।
शहरी सौन्दर्यकरण के तहत लगभग 24 करोड़ रुपये की 30 विशेष योजनाएं पास की गईं। इनमें—
जानसठ ओवरब्रिज के नीचे बास्केटबॉल कोर्ट का निर्माण
गांधी कॉलोनी ओवरब्रिज के नीचे ओपन जिम
तीनों ओवरब्रिजों पर आकर्षक सीएनसी कटिंग व आधुनिक लाइटिंग
मेरठ रोड, रुड़की रोड और कच्ची सड़क क्षेत्र में लगभग 5.5 करोड़ रुपये की लागत से भव्य प्रवेश द्वार
डीएम आवास से सूजडू चुंगी तक आरसीसी नाला निर्माण
मेरठ रोड व सर्कुलर रोड पर लगभग 10 करोड़ रुपये का सौन्दर्यकरण
कंपनी बाग में 1.20 करोड़ रुपये से टॉय ट्रेन सौन्दर्यकरण
52 बिस्तरों वाला आवासीय कंटेनर (19.80 लाख रुपये)
इन योजनाओं को शहर को आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
वित्तीय स्थिति मजबूत, खर्च के बाद भी बचेगी राशि
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 31 जनवरी 2026 तक पालिका की वास्तविक आय 182.21 करोड़ रुपये और व्यय 152.49 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। एक फरवरी तक 266.78 करोड़ रुपये अवशेष रहे। अनुमान है कि वर्ष 2026-27 में 486.76 करोड़ रुपये के व्यय के बाद भी लगभग 70.37 करोड़ रुपये शेष रहेंगे।
पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने इसे नगर पालिका के इतिहास की सबसे बड़ी विकासपरक कार्ययोजना बताते हुए कहा कि योजनाएं धरातल पर उतरते ही मुजफ्फरनगर आधुनिक सुविधाओं से युक्त और आकर्षक शहर के रूप में उभरेगा।
बैठक के अंत में वार्ड 20 के सभासद हनी पाल के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया और होली पर्व की शुभकामनाएं दी गईं। 55 में से 45 सभासद बैठक में उपस्थित रहे।
शहर के विकास को लेकर लिए गए इन फैसलों से साफ है कि आने वाला वित्तीय वर्ष मुजफ्फरनगर के लिए बदलाव और निर्माण का वर्ष साबित हो सकता है।
