— ब्यूरो: कबीर
मोबाइल: 9389289821


मुजफ्फरनगर। पुलिस लाइन में आयोजित उच्चस्तरीय गोष्ठी में बजट के पारदर्शी उपयोग और प्रशिक्षु आरक्षियों की व्यवस्थाओं को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए। साफ संदेश दिया गया कि वित्तीय अनुशासन और प्रशिक्षण गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा।
अभिषेक सिंह (पुलिस उपमहानिरीक्षक, सहारनपुर परिक्षेत्र) की अध्यक्षता में हुई बैठक में संजय कुमार वर्मा (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरनगर) सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में चालू वित्तीय वर्ष के बजट की मदवार समीक्षा की गई। प्रस्तावित कार्यों, लंबित प्रकरणों और व्यय की स्थिति पर विस्तार से चर्चा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रत्येक खर्च शासन की निर्धारित प्रक्रिया और मानकों के अनुरूप, पारदर्शी और समयबद्ध ढंग से किया जाए।
गोष्ठी में प्रशिक्षु आरक्षियों के आवास, भोजन, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधा और प्रशिक्षण सामग्री की उपलब्धता पर भी विशेष जोर रहा। दैनिक प्रशिक्षण कार्यक्रम और अनुशासन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं। प्रशिक्षण की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
रविवार को भी चली इस गंभीर मंथन बैठक को विभागीय कार्यशैली में कसावट लाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। पुलिस महकमे में साफ संकेत है कि वित्तीय अनुशासन और प्रशिक्षण व्यवस्था अब शीर्ष प्राथमिकता पर है।
