रिपोर्ट – अनिल कुमार

फतेहपुर/अमौली। फतेहपुर जिले के अमौली कस्बे में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक मेले में इस बार अजीब सी खामोशी छाई हुई है। मेले को शुरू हुए आज पूरे 7 दिन बीत चुके हैं, लेकिन मेला परिसर में वह रौनक और चहल-पहल नदारद है, जिसके लिए यह मेला क्षेत्र भर में जाना जाता था।आम तौर पर एक सप्ताह बीतने के बाद मेलों में भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन इस बार नजारा बदला हुआ है। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए दुकानदारों के चेहरों पर उदासी साफ पढ़ी जा सकती है। झूले खाली पड़े हैं और चाट-पकौड़े से लेकर खिलौनों की दुकानों पर ग्राहकों का टोटा पड़ा हुआ है। दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने हजारों रुपये खर्च करके दुकानें सजाई थीं और अच्छे व्यापार की उम्मीद थी, लेकिन अब तो लागत निकालना भी मुश्किल लग रहा है।स्थानीय लोगों का मानना है कि महंगाई की मार और मौसम में बदलाव के कारण ग्रामीण अभी मेले का रुख नहीं कर रहे हैं। शाम होते ही जहाँ कभी पैर रखने की जगह नहीं होती थी, वहां अब वीरानी छाई है। यदि आने वाले एक-दो दिनों में भीड़ नहीं बढ़ी, तो छोटे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल, हर किसी की निगाहें आने वाले दिनों पर टिकी हैं कि कब मेले की खोई हुई रौनक वापस लौटती है।
