रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। मुज़फ़्फ़रनगर में भारतीय किसान यूनियन ने बीज अधिनियम 2025 के खिलाफ प्रेसवार्ता की। राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह अधिनियम किसानों के अधिकारों को कमज़ोर करेगा। टिकैत ने एसआईआर और पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद निर्माण को लेकर भी बड़ा बयान दिया है। मुज़फ़्फ़रनगर में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बीज अधिनियम 2025 को किसान विरोधी बताते हुए केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला। टिकैत ने कहा कि यह अधिनियम किसानों की आज़ादी और उनके बीज पर अधिकार को छीनने वाला कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल कंपनियों के हितों में बनाया गया है, जिससे कंपनियों की पकड़ खेती पर और मजबूत होगी और किसानों को मजबूरी में महंगे बीज खरीदने पड़ेंगे।
टिकैत ने कहा कि बीज किसान की आत्मनिर्भरता का सबसे बड़ा साधन है और यदि किसान को अपनी ही फसल का बीज रखने की आज़ादी खत्म कर दी गई, तो खेती कंपनियों के हाथों में चली जाएगी। उन्होंने याद दिलाया कि इस बिल का मसौदा पहले सरकार के समय भी आया था और तब भी भाकियू ने इसका जोरदार विरोध किया था। टिकैत ने कहा कि आज भी किसान उसी सख्ती से इसका विरोध करेंगे और जरूरत पड़ी तो बड़ा आंदोलन भी खड़ा किया जाएगा।
टिकैत ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार किसानों से बातचीत से बच रही है। उन्होंने कहा कि 22 जनवरी 2021 के बाद से किसानों और सरकार के बीच कोई औपचारिक वार्ता नहीं हुई है, जिससे साफ है कि सरकार किसानों की समस्याओं को सुनने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ कंपनियों के दबाव में कानून बना रही है, जबकि किसान लगातार संघर्ष कर रहा है।
एसआईआर के मुद्दे पर टिकैत ने कहा कि वोट डालना सभी का अधिकार है, लेकिन इसके लिए अपने दस्तावेज़ सही रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा
“अगर वोट डालना है तो अपने काग़ज़–पत्तर पहले से तैयार रखें, वरना परेशानी का सामना करना पड़ेगा।”
टिकैत ने कहा कि सरकार कानून तो कड़ा करती जा रही है, लेकिन सुविधाएँ नहीं दे रही, जिससे आम जनता परेशान होती है।
मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद निर्माण के सवाल पर टिकैत ने केंद्र सरकार पर और भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह पूरा मुद्दा राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है और इससे सीधे तौर पर बीजेपी को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। टिकैत ने कहा
“यदि निर्माण गलत है तो सरकार इसे रोक क्यों नहीं देती? बाबरी मस्जिद का नाम लेकर वोट की राजनीति की जा रही है ताकि जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटाया जा सके।”
टिकैत ने कहा कि किसान इन धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों से दूर रहकर अपनी असल लड़ाई खेती, बीज, फसल और अधिकार के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बीज अधिनियम के विरोध में बड़े स्तर पर किसान आंदोलन की तैयारी की जा रही है।
