स्थानीय पुलिस व वन विभाग की सह से काटे जा रहे हैं प्रतिबंधित हरे 🌳 पेड़..
धरती की हरियाली को मिटा रहे हैं बन माफिया: 1 माह के भीतर आधा सैकड़ा के करीब काट दिए गए हरे वृक्ष.
पेड़ों 🌳 की अवैध कटान से से पर्यावरण को हो रहा भारी नुकसान.
योगी सरकार के मंसूबों पर पानी फेर रहे हैं वन विभाग के कर्मचारी.
जिला वनाधिकारी ने कहा प्रतिबंधित पेड़ काटने वालों पर होगी करवाई..
रिपोर्ट – अनिल कुमार

फतेहपुर। इधर करीब एक माह से हुसैनगंज क्षेत्र में प्रतिबंधित हरे वृक्षों की कटान बड़े स्तर पर हो रही है, करीब 4 माह तक पेड़ों की अवैध कटान शांत रहने के बाद इधर एक माह से फिर शुरू हो गई है! पूर्व में हुसैनगंज थाने में SHO रहे अरुण चतुर्वेदी के समय पेड़ों की अवैध कटान पूर्ण रूप से बंद हो गई थी, सड़क हादसे में घायल होने के बाद संयोगवश फिर दोबारा हुसैनगंज थाने का चार्ज नहीं मिल पाया! इधर हुसैनगंज थाने के नए इंस्पेक्टर के आते ही प्रतिबंध हरे पेड़ों की अंधाधुंध कटान शुरू हो गई, जिसमें स्थानीय पुलिस और वन विभाग का गठजोड़ काम कर रहा है! इधर करीब एक माह के भीतर हुसैनगंज थाना क्षेत्र के आंबी, हसनापुर, मटियारा, जमरावा, समदासहोदरपुर,तलियापर, नौगांव, बलबीरपुर, जुगल का पुरवा, बरौहा, तारापुर, भगला का पुरवा सहित कई गांवो में प्रतिबंधित आम, नीम, शीशम, गूलर,महुआ, जामुन के पेड़ों को काटकर धरासाही किया जा चुका है! बन माफिया इलेक्ट्रॉनिक मशीन से हरे प्रतिबंध पेड़ों को काटकर क्षेत्र की हरियाली को मिटाने पर लगे हुए हैं! पेड़ों की अंधाधुंध कटान के चलते पर्यावरण को भारी नुकसान के साथ-साथ जमीन बंजर हो रही है! योगी सरकार के मंसूबों पर पानी फेर रहे हैं दोनों विभाग के कर्मचारी, वन विभाग के कर्मचारी जो सरकारी पौधे लगाए गए हैं उनकी सुरक्षा नहीं कर पा रहे हैं, लगाए गए पौधों को जानवर खाकर सफाचट कर रहे हैं! क्षेत्र में हो रही पेड़ों की अवैध कटान की शिकायत ग्रामीणों द्वारा की जाती है तो उस पर भी क्षेत्रीय कर्मचारी कार्रवाई करने के बजाय सुविधा शुल्क लेकर मुंह बंद कर लेते हैं! वन विभाग के साथ-साथ स्थानीय पुलिस भी कम जिम्मेदार नहीं है, यह भी अपना परसेंटेज लेकर आंख बंद कर चुपचाप बैठ जाते हैं! जब कोई ग्रामीण शिकायत करता है तो पुलिस कर्मी कहते हैं कि वन विभाग का मामला है आप वहां शिकायत करिए, यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं! कार्यवाही के नाम पर पुलिस और वन विभाग दोनों ग्रामीणों को गुमराह करते है!दोनों विभाग अपना सुविधा शुल्क लेकर चुप चाप बैठ जाते हैं!!
क्या कहते हैं जिम्मेदार…
पेड़ों की अवैध कटान के संबंध में जब जिला वनाधिकारी गंगाधर मिश्रा से बात की गई तो उनका कहना था कि कुछ गांवों में प्रतिबंधित हरे पेड़ों की कटान की सूचना मिली है, क्षेत्रीय वन रेंजर को कार्रवाई के लिए कहा गया है!!
