रिपोर्ट – कबीर

मुजफ्फरनगर। स्मार्ट मीटर घोटाले, कथित भ्रष्टाचार और उपभोक्ताओं से अवैध वसूली के विरोध में 66 केवी बिजलीघर पर चल रहा भाकियू अराजनीतिक का धरना पाँचवें दिन समाप्त हो गया। देर शाम पहुंचे उच्च अधिकारियों ने किसान नेताओं से वार्ता की और सभी माँगों के समाधान के लिए एक सप्ताह का समय मांगा, जिसके बाद संगठन ने आंदोलन को स्थगित करने की घोषणा की।
धरने के दौरान किसानों ने बिजली विभाग पर भारी अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए स्मार्ट मीटरों की जांच, गलत बिलों की सुधार व्यवस्था और उपभोक्ता शोषण पर रोक लगाने की माँग उठाई। पाँच दिनों से लगातार चल रहे आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे, जिन्होंने दिन-रात बिजलीघर पर डेरा डालकर विभाग के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
जिला अध्यक्ष अक्षय त्यागी ने कहा कि किसानों और उपभोक्ताओं की समस्याओं को लेकर विभाग को बार-बार अवगत कराया गया, लेकिन गंभीरता से कार्रवाई न होने पर मजबूरन धरने का सहारा लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि विभाग अब भी लापरवाही दिखाता है, तो आंदोलन और बड़ा होगा।
युवा महानगर अध्यक्ष वसीम खान ने बताया कि वार्ता के दौरान अधिकारियों ने सभी मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया है और शिकायतों के निस्तारण के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है। उन्होंने कहा कि संगठन फिलहाल धरना समाप्त कर रहा है, लेकिन यदि तय समय में समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को जिले से प्रदेश स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।
धरना पाँचवें दिन समाप्त होने के बाद भी किसानों ने स्पष्ट कर दिया कि वे अपने हक की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे। आंदोलन स्थगित है, खत्म नहीं — और विभाग की आगे की कार्रवाई पर अगले कदम का फैसला होगा।
