रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय, सहारनपुर से संबद्ध महाविद्यालयों की अंतरमहाविद्यालयीय तायक्वोंडो (पुरुष एवं महिला) प्रतियोगिता में श्रीराम कॉलेज के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। महिला वर्ग में श्रीराम कॉलेज की टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि पुरुष वर्ग में कॉलेज की टीम दूसरे स्थान पर रही। प्रतियोगिता में श्रीराम कॉलेज के खिलाड़ियों ने कुल सात पदक जीतकर महाविद्यालय का नाम रोशन किया।
प्रतियोगिता में सहारनपुर और मुजफ्फरनगर सहित विभिन्न जिलों के महाविद्यालयों के खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। टूर्नामेंट का शुभारंभ मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय की प्रतिनिधि एवं चयनकर्ता डॉ. रीता बोरा, श्रीराम कॉलेज के उप प्राचार्य डॉ. सौरभ मित्तल, परीक्षा नियंत्रक डॉ. एसएन चौहान, डीन एकेडमिक्स डॉ. विनित कुमार शर्मा तथा शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया।
महिला वर्ग में श्रीराम कॉलेज की कृतिका शर्मा ने 62 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया। वहीं श्रुति पाल ने 46 किलोग्राम, अनिता ने 57 किलोग्राम और तनु रानी ने 73 किलोग्राम भारवर्ग में रजत पदक हासिल किए। चारों खिलाड़ियों के प्रदर्शन के दम पर श्रीराम कॉलेज की महिला टीम प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर रही।
पुरुष वर्ग में भी श्रीराम कॉलेज के खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। 63 किलोग्राम भारवर्ग में मोहम्मद आयान और 80 किलोग्राम भारवर्ग में शबीर अली ने स्वर्ण पदक अपने नाम किए। वहीं 58 किलोग्राम भारवर्ग में सन्नी ने रजत पदक जीतकर कॉलेज की पदक तालिका में इजाफा किया। पुरुष वर्ग में श्रीराम कॉलेज की टीम ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिता में गोचर महाविद्यालय रामपुर मनिहारान, दून कॉलेज, जेवी जैन कॉलेज, एमएस कॉलेज, हरि कॉलेज सहारनपुर, श्रीराम कॉलेज, डीएवी कॉलेज और एसडी कॉलेज मुजफ्फरनगर सहित विभिन्न महाविद्यालयों की टीमों ने हिस्सा लिया।
इस अवसर पर उप प्राचार्य डॉ. सौरभ मित्तल ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न महाविद्यालयों से आए खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल भावना और प्रतिभा का परिचय दिया है। उन्होंने पदक विजेताओं का उत्साहवर्धन करते हुए विश्वविद्यालय की टीम के लिए चयनित खिलाड़ियों को बधाई दी।
कार्यक्रम में शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष प्रमोद कुमार, प्रवक्ता भूपेंद्र कुमार, डॉ. अब्दुल अजीज खान, संदीप, अमरदीप, प्रशांत और तरुण सहित अन्य शिक्षकों का विशेष योगदान रहा।
