रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। किसान सेवक विनीत कुमार त्यागी ने गन्ना किसानों के उचित मूल्य का मुद्दा उठाते हुए अपनी आवाज बुलंद की है। हरियाणा सरकार द्वारा गन्ने के मूल्य में 15 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के किसानों को भी उनकी फसल का वाजिब मूल्य मिलना चाहिए। उन्होंने किसान संगठनों और किसानों से राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर अपने हक की लड़ाई लड़ने की अपील की। साथ ही उन्होंने मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज में दवाइयों की बिक्री और उनकी कीमतों को लेकर भी शिकायत उठाई। इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग किए जाने की बात कही है।
विनीत त्यागी ने कहा कि गन्ने से तैयार होने वाले उत्पादों की बाजार में कीमतें काफी अधिक हैं, जबकि किसानों को उनकी मेहनत और लागत के अनुरूप मूल्य नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसानों की फसल से अच्छा मुनाफा कमाया जा रहा है तो किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य क्यों नहीं दिया जा रहा। उन्होंने किसान नेताओं से भी इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि किसान अपनी लड़ाई किसी दूसरे के भरोसे न छोड़ें, बल्कि प्रत्येक किसान अपने घर और गांव से ही आवाज बुलंद करे। उन्होंने किसानों को नारा देते हुए कहा, ‘जो हमारा नहीं, हम उसके नहीं।’ उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान न किसी पक्ष के हैं और न विपक्ष के, बल्कि उनकी प्राथमिकता अपनी फसल का उचित मूल्य और किसानों के हित हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि जो जनप्रतिनिधि उनके मुद्दों पर न्याय नहीं कर पाते, उनसे सवाल जरूर करें।
इसके अलावा विनीत त्यागी ने मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज में दवाइयों की उपलब्धता और कीमतों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कुछ मरीजों को अस्पताल परिसर स्थित मेडिकल स्टोर से ही दवाइयां खरीदने के लिए कथित रूप से दबाव बनाए जाने की शिकायत की। उनका कहना है कि बाहर और अस्पताल परिसर के मेडिकल स्टोर पर कुछ दवाइयों की कीमतों में अंतर है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की गई है। जिलाधिकारी साहब बाहर हे वापस आने पर वह इस मामले में दोबारा मुलाकात करेंगे।
