रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। तकनीक का इस्तेमाल केवल पढ़ाई और रोजगार तक सीमित नहीं, बल्कि समाज और उद्योगों से जुड़ी वास्तविक समस्याओं का समाधान तलाशने में भी किया जा सकता है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में ‘हैकथॉन इंडिया-2026’ के अंतर्गत इंटर्नल हैकाथॉन एवं कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विभिन्न विभागों की 35 टीमों के 170 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लेकर तकनीकी नवाचार और रचनात्मक सोच का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का आयोजन कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की ओर से किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन की समस्याओं को समझने, उनके तकनीकी समाधान विकसित करने और अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देने का अवसर प्रदान करना था। विद्यार्थियों ने सामाजिक और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी 50 से अधिक समस्याओं पर काम करते हुए अपने अभिनव विचार और तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए।
एआई टूल्स और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग की दी जानकारी
कार्यशाला का संचालन ‘वेयर यू एलिवेट’ कंपनी के सह-संस्थापक एवं सीईओ ऋषभ इलवाड़ी ने किया। कार्यशाला को दो चरणों में पूरा किया गया। पहले चरण में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल्स और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग की जानकारी दी गई। दूसरे चरण में उन्हें अपने विचारों को तकनीकी रूप से विकसित कर वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों ने टीमवर्क, तकनीकी दक्षता और रचनात्मक सोच के साथ विभिन्न समस्याओं के समाधान प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली तीन टीमों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
नवाचार और शोध पर दिया जोर
संस्थान के संस्थापक चेयरमैन डॉ. एससी कुलश्रेष्ठ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नवाचार, एआई और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की शैक्षणिक गतिविधियां विद्यार्थियों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
संस्थान के निदेशक डॉ. अश्विनी वशिष्ठ ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हैकाथॉन विद्यार्थियों को वास्तविक समस्याओं को समझने, उनके समाधान तैयार करने और अपने तकनीकी ज्ञान का व्यावहारिक इस्तेमाल करने का अवसर देता है।
तकनीकी क्षेत्र में करियर की अपार संभावनाएं
ऋषभ इलवाड़ी ने विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि वे भविष्य में संस्थान के साथ जिले का नाम भी रोशन करेंगे। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग ऐसा क्षेत्र है, जिसमें करियर की व्यापक संभावनाएं हैं। विद्यार्थियों को लगातार सीखने, शोध करने और नई तकनीकों के साथ अपने कौशल को विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। समापन पर संस्थान की ओर से ऋषभ इलवाड़ी को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में इंजीनियर आशीष चौहान और कोऑर्डिनेटर इंजीनियर रुचि राय का विशेष योगदान रहा। इस दौरान इंजीनियर नितिशा त्यागी, नितीश गोयल, अपेक्षा नायक, शिवि चौधरी, शिखा राठी, तनु वर्मा, अंकुर वर्मा, कुणाल ठाकुर और मुस्कान परवीन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
