रिपोर्ट – शशिकांत शर्मा शुभम
सिवनी मालवा। ओबीसी (OBC) वर्ग को 27 प्रतिशत पूर्ण आरक्षण देने और 13 प्रतिशत होल्ड पदों को शीघ्र बहाल करने की मांग को लेकर भीम आर्मी भारत एकता मिशन एवं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में कार्यकर्ताओं ने स्थानीय गांधी चौक पर प्रदेश की मोहन यादव सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सरकार का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी” के नारे लगाते हुए ओबीसी वर्ग को आबादी के अनुपात में उचित प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय दिलाने की मांग उठाई। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार ओबीसी वर्ग के अधिकारों की अनदेखी कर रही है। सरकारी भर्तियों में 13 प्रतिशत पदों पर लगी रोक के कारण हजारों पात्र अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। वक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में मांग की कि आरक्षण से जुड़े सभी लंबित मामलों का तत्काल समाधान किया जाए, ताकि वंचित युवाओं को न्याय मिल सके।
2 नवंबर को भोपाल में होगा बड़ा आंदोलन
संगठन के पदाधिकारियों ने प्रतीकात्मक पुतला दहन के माध्यम से प्रदेश सरकार को अल्टीमेटम देते हुए घोषणा की कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया, तो आगामी 2 नवंबर 2026 को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ओबीसी के हक और अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आवाज बुलंद की जाती रहेगी। पदाधिकारियों ने एकजुटता दिखाते हुए अधिक से अधिक संख्या में कार्यकर्ताओं से भोपाल पहुंचने की अपील भी की।
इस विरोध प्रदर्शन में आजाद समाज पार्टी के प्रदेश सचिव राजेश बकोरिया, संभाग महासचिव अर्जुन सिंह पवार, भीम आर्मी के प्रदेश सचिव राधेश्याम बारबे और जिला संयोजक करण सिंह धनवारे मुख्य रूप से शामिल हुए। इनके साथ गोपाल मंसूर, इरफान शाह, रामशंकर सोलंकी, जितेंद्र धनवारे, राजेंद्र मांडवी सहित बड़ी संख्या में दोनों संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
