रिपोर्ट – मोहम्मद नसीम
बाराबंकी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश का असर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर नहीं दिखाई पड़ रहा है यहां पर तैनात डॉक्टर व कर्मचारी अपनी मनमानी पर आमादा है। नियमित रूप से अस्पताल न आकर नदारद रहते हैं। ऐसा ही कुछ हाल गुरुवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर देखने को मिला ।यहां पर कोई डॉक्टर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला चिकित्सक व दवा कक्ष में ताला लटक रहा था।अस्पताल खुला हुआ था। स्वीपर अकेले ही अस्पताल का संचालन करते हुए नजर आए। यहां पर दवा लेने के लिए मरीज पहुंचे लेकिन डॉक्टर व कर्मचारी न होने की वजह से निराश होकर वापस चले गए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां पर आए दिन यही स्थित बनी रहती है। नियमित रूप से डॉक्टर व स्टाफ कर्मी नहीं आते हैं। कभी डॉक्टर तो इक्का दुक्का कर्मचारी के भरोसे अस्पताल संचालित किया जाता है। अस्पताल में जांच के लिए कोई कर्मचारी नहीं है। जिससे बलगम व खून से संबंधित कोई भी जांच नहीं हो पाती है यहां तक कि शुगर की जांच भी मुश्किल है। टीवी की दवा भी नहीं मिल पा रही है।गर्भवती महिलाओं की कोई भी सुविधा नहीं मिल पाती है। यहां पर प्रसव की सुविधा नहीं है। जिससे मरीजों को सी एच सी हैदरगढ़ जाना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी द्वारा कोई निरीक्षण नहीं किया जाता है। जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट हो गई है। चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर जयशंकर पांडेय से जब बात की गई तो कोई स्पष्ट जवाब न देकर गोलमाल जवाब देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते है।
