रिपोर्ट – कबीर
मुजफ्फरनगर। अब संदिग्धों की पहचान के लिए पुलिस को लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। मौके पर लिया गया फिंगरप्रिंट बताएगा कि संदिग्ध कौन है और उसका आपराधिक रिकॉर्ड क्या है। अपराधियों की पहचान और धरपकड़ को तेज करने के लिए एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने जिले के सभी थानों को फिंगरप्रिंट किट वितरित की हैं।
रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में एसएसपी ने सभी थानों के पुलिसकर्मियों को फिंगरप्रिंट किट उपलब्ध कराईं। इन किट में फिंगरप्रिंट एनरोलमेंट डिवाइस, दो एमडीटी (सैमसंग मोबाइल), चार वेबकैम और छह सिंगल डिजिट स्कैनर शामिल हैं।
इस तकनीकी व्यवस्था की मदद से पुलिस फुट पेट्रोलिंग, चेकिंग और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच के दौरान मौके पर ही फिंगरप्रिंट लेकर पहचान की प्रक्रिया शुरू कर सकेगी। एनसीआरबी के ‘अभिज्ञान ऐप’ के माध्यम से फिंगरप्रिंट का मिलान कर अपराधी की पहचान और उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी हासिल करने में मदद मिलेगी।
खास बात यह है कि तकनीक के जरिए अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय अपराधियों की पहचान भी तेजी से की जा सकेगी। इससे किसी वारदात के बाद संदिग्ध की पहचान करने और अपराध के अनावरण की कार्रवाई में पुलिस को महत्वपूर्ण मदद मिलने की उम्मीद है।
एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने पुलिसिंग में आधुनिक तकनीक के अधिकतम इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग से अपराधियों की पहचान अधिक त्वरित, सटीक और प्रभावी तरीके से की जा सकेगी। शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत मुजफ्फरनगर पुलिस लगातार आधुनिक संसाधनों को अपनी कार्यप्रणाली में शामिल कर रही है।
इस दौरान एसपी क्राइम इन्दु सिद्धार्थ, सहायक पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ मिश्रा, प्रतिसार निरीक्षक उदल सिंह समेत जिले के सभी थानों से आए पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
