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सपा कार्यालय में महाराजा दक्ष प्रजापति जयंती पर विचार गोष्ठी, सामाजिक एकता और नैतिक मूल्यों पर दिया गया बल

रिपोर्टर: कबीर (मुजफ्फरनगर)

महाराजा दक्ष प्रजापति के जीवन और आदर्शों को किया गया याद

मुजफ्फरनगर। समाजवादी पार्टी कार्यालय में बुधवार को महाराजा दक्ष प्रजापति जयंती के अवसर पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने महाराजा दक्ष प्रजापति के जीवन, उनके आदर्शों और समाज के प्रति योगदान को याद करते हुए सामाजिक एकता, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया।

समाज में संगठन और अनुशासन की भूमिका पर चर्चा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने कहा कि सनातन परंपरा में महाराजा दक्ष प्रजापति का महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा कि समाज के संगठन, परिवार व्यवस्था और सामाजिक मूल्यों को मजबूत बनाने में उनके योगदान को हमेशा स्मरण किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि महाराजा दक्ष प्रजापति का जीवन कर्मठता, अनुशासन, जिम्मेदारी और समाज सेवा की प्रेरणा देता है। उनके आदर्श आज भी समाज को एकजुट होकर विकास की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश देते हैं।

नैतिक मूल्यों को अपनाने की अपील

जिया चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि दक्ष यज्ञ का प्रसंग यह सीख देता है कि अहंकार, क्रोध और अपमान जैसी प्रवृत्तियां समाज में नकारात्मक प्रभाव डालती हैं, जबकि विनम्रता, परस्पर सम्मान और क्षमा जैसे गुण सामाजिक सद्भाव को मजबूत बनाते हैं। उन्होंने लोगों से इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

बड़ी संख्या में पदाधिकारी रहे मौजूद

विचार गोष्ठी में प्रदेश सचिव इलम सिंह, जिला महासचिव सोमपाल कोरी, जिला उपाध्यक्ष सुरेश प्रजापति, जिला सचिव यशपाल चौधरी, पवन पाल, इमरान खान, अनुज चौधरी, महिला सभा जिलाध्यक्ष पूजा अंबेडकर, सैनिक प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष मुकेश वशिष्ठ, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव रामपाल पाल, बालेंद्र मौर्य, घनश्याम प्रजापति, छात्र सभा के प्रदेश सचिव वंशराज चौहान तथा नवाब प्रधान सहित समाजवादी पार्टी के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

निष्कर्ष

समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित इस विचार गोष्ठी में महाराजा दक्ष प्रजापति के जीवन और उनके आदर्शों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने सामाजिक एकता, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और आपसी सद्भाव को मजबूत बनाने का संदेश देते हुए समाज के विकास में इन मूल्यों की आवश्यकता पर बल दिया।

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