Homeउत्तर प्रदेशविश्व ओआरएस दिवस पर मुजफ्फरनगर में जागरूकता अभियान तेज, डायरिया से बचाव...

विश्व ओआरएस दिवस पर मुजफ्फरनगर में जागरूकता अभियान तेज, डायरिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दिए महत्वपूर्ण संदेश

रिपोर्टर: कबीर (मुजफ्फरनगर)

बरसात के मौसम में डायरिया से बचाव पर विशेष जोर

मुजफ्फरनगर। बरसात के मौसम में डायरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए विश्व ओआरएस दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग ने जिलेभर में जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। “डायरिया से डर नहीं” अभियान के तहत आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों ने समय पर ओआरएस और जिंक के उपयोग के महत्व पर जोर देते हुए लोगों से बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की अपील की।

बच्चों के लिए ओआरएस और जिंक को बताया प्रभावी उपाय

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया के निर्देशन में आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिव्या वर्मा ने की। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में डायरिया अब भी गंभीर स्वास्थ्य चुनौती है, लेकिन समय पर ओआरएस घोल और जिंक की खुराक देकर डिहाइड्रेशन और अन्य जटिलताओं के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने और बच्चों में दस्त होने पर तुरंत ओआरएस शुरू कराने की अपील की।

ओआरएस के महत्व पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी

कार्यक्रम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अश्वनी ने ओआरएस के इतिहास और उसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारतीय बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दिलीप महालानबीस के शोध ने दुनिया भर में लाखों लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने ओआरएस घोल तैयार करने और उसके सही उपयोग की विधि भी समझाई।

प्रशिक्षण और स्वच्छता पर दिया गया जोर

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं का नियमित प्रशिक्षण डायरिया नियंत्रण अभियान की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है। वहीं जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह ने कहा कि स्वच्छ पेयजल, भोजन से पहले और शौच के बाद हाथ धोने की आदत तथा समय पर उपचार डायरिया से बचाव के सबसे प्रभावी उपाय हैं।

पोस्टर प्रतियोगिता के माध्यम से दिया गया जागरूकता संदेश

विश्व ओआरएस दिवस के अवसर पर नगर पालिका इंटर कॉलेज में छात्राओं के बीच पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में डायरिया से बचाव, स्वच्छता और ओआरएस के महत्व पर आधारित आकर्षक पोस्टर बनाए गए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित भी किया गया।

इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस, नगर पालिका तथा पीएसआई इंडिया के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

स्वास्थ्य विभाग की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि यदि बच्चों को दस्त की समस्या हो तो बिना देरी ओआरएस घोल और जिंक देना शुरू करें तथा जरूरत पड़ने पर तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। अधिकारियों का कहना है कि समय पर उपचार से डिहाइड्रेशन और डायरिया से होने वाली गंभीर जटिलताओं से बचाव संभव है।

निष्कर्ष

विश्व ओआरएस दिवस के अवसर पर चलाया गया यह जागरूकता अभियान लोगों को डायरिया की रोकथाम और समय पर उपचार के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि सही जानकारी और समय पर उपचार के माध्यम से विशेष रूप से छोटे बच्चों को डायरिया जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments